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पांच दिन से फंदे पर लटका था MBBS छात्र: कमरे में मिली सड़ी-गली अंकित की लाश, बदबू आने पर बुलाई गई पुलिस

Thu, 23 Apr 2026 05:03 PM IST
विकास कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

पीजी संचालक को कमरे से तेज बदबू आने पर संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और युवक का शव बरामद किया।
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मृत अंकित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम स्थित आईएमटी मानेसर थाना के अंतर्गत शंकर की ढाणी, बास कुशला स्थित श्रीकृष्ण पीजी के कमरे में बुधवार की शाम को एक युवक का शव मिला। एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे युवक ने चार-पांच दिन पहले पीजी के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीजी के कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को सड़ी-गली हालत में बरामद किया। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। 

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बेड पर रखी बाल्टी फिर लगाई फांसी
मृत युवक की पहचान नारनौल (महेंद्रगढ़) के खामपुर गांव निवासी अंकित (30) के रूप में है। वह एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहा था। वह जनवरी माह से शंकर की ढाणी, बास कुशला स्थित श्रीकृष्ण पीजी में किराये पर रह रहा था। बुधवार की शाम को पीजी संचालक कपिल यादव ने कमरे से बदबू आने पर डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर आईएमटी मानेसर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो शव पंखे पर लटका हुआ था। अंकित ने बेड पर बाल्टी को उलटा रखकर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस ने एफएसएल व फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम से निरीक्षण कराया। 

सड़ी-गली थी लाश
युवक का शव सड़ी-गली हालत में मिला, जिसको देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने चार-पांच दिन पहले फंदा लगाकर आत्महत्या की होगी। पुलिस ने जांच के दौरान कमरे में मिले आधार कार्ड पर पते के आधार पर महेंद्रगढ़ के खामपुर गांव के सरपंच से संपर्क किया और मृत युवक के परिवार के बारे में पता किया व मामले की जानकारी दी। पीजी संचालक कपिल यादव ने पुलिस को बताया कि अंकित (मृतक) किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। ऐसे में उस पर ध्यान नहीं दिया कि वह कमरे में निकला या नहीं। 

15 अप्रैल के बाद से नहीं देखे मैसेज
मृत युवक के मामा सूबे सिंह ने बताया कि एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह परिवार वालों से भी ज्यादा बातचीत नहीं करता था। भाई अश्विनी ने बताया कि 15 अप्रैल को घर पर व्हाट्सएप पर मैसेज पर ही अंकित से बातचीत हुई थी। उसके बाद कोई बात नहीं हुई। उन्होंने कई बार कॉल करते थे तो मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था या फिर कॉल ट्रांसफर बताता था। वहीं, व्हाट्सएप मैजेज भी किए, लेकिन 15 अप्रैल के बाद से उनको भी नहीं देखा था। 
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मानसिक तौर पर परेशान था अंकित
जांच अधिकारी एएसआई हरजीत ने बताया कि मृत युवक के परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें कोई संदिग्ध बात सामने आई है। उसके मानसिक तौर पर परेशान होने बात सामने आई है। मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। 
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