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Maruti : मध्यम वर्ग के सपनों को इस कार ने दी रफ्तार, गुरुग्राम में लगा था पहला प्लांट

Mon, 24 Oct 2022 06:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा प्रवीण कुमार, गुरुग्राम

सार

Maruti : इस धनतेरस पर देसी-विदेशी कारों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, लेकिन इन सबके बीच मारुति की बात अपनी अलग जगह पर है। यह वही कार है, जिसने मध्यम वर्ग के कार से चलने के सपने को हकीकत बना दिया था। बड़ी आबादी का चार पहिया का पहला सफर मारुति से ही संभव हो सका। 
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maruti 800 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इस धनतेरस पर देसी-विदेशी कारों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, लेकिन इन सबके बीच मारुति की बात अपनी अलग जगह पर है। यह वही कार है, जिसने मध्यम वर्ग के कार से चलने के सपने को हकीकत बना दिया था। बड़ी आबादी का चार पहिया का पहला सफर मारुति से ही संभव हो सका। 

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सड़क पर उतरने के बाद यह सुदूर गांवों तक में पसंदीदा सवारी बनी थी। देश में इसका जलवा देर तक कायम भी रहा। मारुति के इस सफर का गुरुग्राम भी हमराही बना। 1981 में मारुति ने यहां देश का पहला प्लांट स्थापित किया। पहली कार लॉन्च करने में मारुति को दो साल लगे। 14 दिसंबर 1983 को मारुति ने अपनी पहली कार मारुति-800 बाजार में उतारी। उस दौर में इसकी कीमत 47,500 रुपये थी। 

मध्यम वर्गीय परिवारों ने अपने कार के सपने को साकार करने के लिए इसे हाथों-हाथ लिया। बाद में मारुति 800 भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार और इंडियन मोटरिंग का गौरवान्वित चेहरा बन गई। गुरुग्राम में मारुति के प्लांट के साथ ही यहां औद्योगिक क्रांति आरंभ हुई। शहर ने देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया और हर कोई गुरुग्राम में बसने की हसरत पालने लगा। यह क्रांति शहर का स्वरूप बदलने में मील का पत्थर साबित हुई। नतीजा आज सबके सामने है। 
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गुरुग्राम आज विश्वस्तरीय शहरों में अपनी खास पहचान रखता है। हरियाणा प्लांट से निकली पहली 800 कार के खरीदार नई दिल्ली के रहने वाले हरपाल सिंह बने थे। देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब उन्हें अपने हाथों से कार की चाबी सौंपी तो यहीं से मध्यम वर्गीय परिवारों को सपने इस कार के लिए हिलोरे मारने लगे। 

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