फिलहाल नूंह पुलिस के पास जब्त है मोनू मानेसर का मोबाइल
मोनू के मोबाइल के लिए जल्द ही कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी राजस्थान पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भरतपुर सेंट्रल जेल में बंद मोनू मानेसर के मोबाइल से नासिर-जुनैद हत्याकांड के कई राज फाश हो सकते हैं। राजस्थान पुलिस का ऐसा ही मानना है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान मोनू मानेसर ने कई राज उगले हैं। अब उसके मोबाइल को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
मामले की जांच कर रहे एक डीएसपी स्तर के अधिकारी ने बताया कि मोनू मानेसर को नूंह पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय मोनू के पास उसका मोबाइल मौजूद था। जोकि अब नूंह पुलिस के पास है। मोनू अपने मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से नासिर-जुनैद हत्याकांड के आरोपी रिंकू सैनी के लगातार संपर्क में रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि दोनों के बीच कई बार बात हुई थीं। पुलिस अब इस कॉल डिटेल और सोशल मीडिया के मैसेज को अपनी जांच में शामिल करेगी। इसके लिए जल्द ही नूंह पुलिस से मोनू के मोबाइल की मांग की जाएगी। जरूरत पड़ी तो इसके लिए कोर्ट का भी सहारा लिया जाएगा।
एफआईआर नंबर 149
नूंह हिंसा से संबंधित इसी एफआईआर संख्या-149 में कांग्रेस विधायक मामन खान का नाम शामिल किया गया है। पुलिस ने यह एफआईआर नूंह हिंसा के अगले ही दिन यानी एक अगस्त को दर्ज की थी। इसी एफआईआर में पुलिस ने पिछले दिनों तौफीक को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद इसी एफआईआर में विधायक को नामजद कर लिया। विधायक के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा-148, 149, 153ए, 179ए, 436, 395, 397 के तहत मामला दर्ज किया है।