कासन, कुकरोला और सहरावन गांवों में सरकार ने प्लॉट देने का दिया था विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। क्षेत्र के किसानों को उनके प्लॉट नहीं मिलने से उनकी सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार ने नीति बनाई थी कि जिन किसानों की एक एकड़ जमीन ली जाएगी, उन्हें बदले में एक हजार गज का प्लॉट दिया जाएगा। यह प्लॉट कासन, कुकरोला और सहरावन गांवों में देने का विकल्प दिया गया था।
कासन गांव के सरपंच सतदेव ने बताया कि कई गांवों के सैकड़ों किसान इस नीति से प्रभावित हैं लेकिन किसी को भी अब तक लाभ नहीं मिला। आखिरकार परेशान होकर किसानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
प्रदेश सरकार का कहना था कि एक साल के भीतर सैकड़ों किसानों को प्लॉट दे दिए जाएंगे लेकिन दो साल बीत जाने के बाद किसी भी जमीन मालिक को प्लॉट नहीं मिला। इससे किसानों में गुस्सा बढ़ता गया। इस समस्या को लेकर किसानों ने मानेसर तहसील में करीब एक साल तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके अलावा महापंचायत भी बुलाई गई, जिसमें सरकार से सही मुआवजा देने की मांग की गई।