गुरुग्राम। फाइनेंस कंपनी ने कोरोना काल के दौरान लोगों की सहूलियत को देखते हुए गोल्ड लोन की डोर स्टेप डिलीवरी सुविधा शुरू की थी। इसके लिए कंपनी ने एक एरिया मैनेजर को नौकरी पर भी रखा। आरोप है कि एरिया मैनेजर ने दो लोगों को कंपनी से लोन राशि खाते में ट्रांसफर करा दी, लेकिन उनकी ओर से दिए गए आभूषण को आगे कंपनी में जमा नहीं कराया। कंपनी की शिकायत पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ पटौदी थाना में अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार यह शिकायत रुपटोक फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से निकुंज कुमार ने दी है। आरोप है कि कंपनी ने 22 जनवरी 2021 को गुड़गांव ब्रांच में एरिया मैनेजर के तौर पर हैप्पी यादव को नौकरी दी थी। वह मूलरूप से पटौदी के गांव गुढाना का निवासी है और फिलहाल गुरुग्राम के राजीव नगर कॉलोनी में रहता है। इस कंपनी से पहले वह पटौदी में एक अन्य फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। आरोप है कि एरिया मैनेजर की जिम्मेदारी थी कि कोविड काल के दौरान गोल्ड लोन की डोर स्टेप सुविधा लोगों को मुहैया कराए। उसकी अप्रूवल के बाद लोन राशि ग्राहक के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती। जबकि गिरवी रखी गई गोल्ड जूलरी को उसे कंपनी के पास जमा कराना था। कंपनी का कहना है कि कर्मचारी ने योगेश कुमार नामक व्यक्ति का 1 लाख 39 हजार 500 रुपये का लोन कराया जबकि हेलीमंडी निवासी सुमित का 74291 रुपये का लोन अप्रूव कराया। अप्रैल महीने में कंपनी ने यह राशि दोनों ग्राहक के खातों में ट्रांसफर करा दी। लेकिन दोनों मामलों में गिरवी रखी गई जूलरी कंपनी के पास नहीं पहुंची। कंपनी ने जब आरोपित कर्मचारी को कॉल की तो उसने जवाब नहीं दिया। उसकी पत्नी को भी कई बार कॉल की गई लेकिन उसने भी आरोपित से बात कराने की बजाय हर बार अलग बहाने बनाए। जिसके बाद प्रबंधन की ओर से मामला दर्ज कराया गया है।