गुरुग्राम। शिकार की घात लगाए बैठी मादा तेंदुआ और दो शावकों के बारे में जैसे ही लोगों को पता चला तो हलचल मच गई। लोगों का कहना है कि सोमवार देर शाम से ही तीनों घाटी के जंगल में हैं। वहीं इसके बारे में जब वन्य विभाग को सूचना मिली तो अधिकारी हरकत में आ गए।
वन्य जीव संरक्षक अनिल गंडास ने बताया कि वह सोमवार शाम को एक घर के पास से सांप पकड़कर मानेसर घाटी की अरावली में छोड़ने गए थे। इस दौरान उन्हें पहाड़ी पर बने मंदिर की दीवार पर दो शावक दिखाई दिए। शावकों को देखकर वह मौके पर ही रुक गए और इसकी सूचना वन्य जीव विभाग को भी दे दी। शावकों की अटखेलियां देखते हुए उनकी नजर मादा तेंदुए पर भी पड़ी जो पास ही किसी जीव के शिकार के लिए जंगल में घात लगाए बैठी थी। जंगल के बीच में गाड़ी खड़ी देखकर आसपास रहने वाले ग्रामीण एकत्र हो गए। इस कारण शोर होने से तेंदुए का ध्यान भटक गया और शिकार उसके हाथ से निकल गया। लोगों का शोर सुनकर तेंदुआ व शावक जंगल की ओर चले गए।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंडावर से सोहना तक, सोहना से भोंडसी तथा मानेसर की तरफ अरावली में हरियाली बढ़ी है। यह वन्य जीव विभाग के लिए काफी अच्छा है। हरियाली बढ़ने से क्षेत्र के जंगल में वन्य जीवों में भी वृद्धि हुई है। तेंदुए का मानेसर घाटी में दिखाई देना अच्छा संकेत है। गुरुग्राम के जंगलों में वन्य जीवों में भी बढ़ोतरी हुई है। तभी तेंदुआ शिकार के लिए यहां पहुंचा है।
दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि मानेसर घाटी में गौशाला बनी हुई है। इसमें गायों और बछड़े भी हैं। जरूर तेंदुआ यहां बछड़ों का शिकार करने के लिए ही आता है। क्योंकि जब-जब यहां तेंदुआ दिखाई दिया है तब बछड़ों और गायों की संख्या कम हुई है।
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बयान
सोमवार देर शाम से ही क्षेत्र में दो शावकों के साथ मादा तेंदुआ दिखाई दिया है। यह बेहद खुशी की बात है कि गुरुग्राम का जंगल वन्य जीवों को भा रहा है। नजर रखी जा रही है कि ग्रामीण और तेंदुआ एक दूसरे को नुकसान न पहुंचा सकें।
- आर पी डांगी, वन्य जीव संरक्षक अधिकारी