गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में देर रात आने वाले मरीजों के इलाज के लिए न तो चिकित्सक होते हैं और न ही दवाएं उपलब्ध होती हैं। ऐसा ही मामला सोमवार देर रात सामने आया है। एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित अपने 5 वर्षीय बेटे को रात साढ़े 11 बजे नागरिक अस्पताल लेकर गया था। आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिले। इंटर्न ने उन्हें दवा लिखकर बाजार से दवा खरीदने को कह दिया। साथ में ओआरएस का पैकेट भी देकर चलता कर दिया। बच्चे को इलाज न मिलने से खफा परिजनों ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया। सोशल मीडिया पर सुधीर ने बताया कि जगदीश अपने 5 वर्षीय बेटे पंकज को लेकर सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल गए थे। उनके बेटे को तेज बुखार था। आरोप है कि यहां उन्हें चिकित्सक नहीं मिले। इंटर्न मिले तो उन्होंने दवा लिख दी और बाजार से खरीदने की बात कहते हुए उन्हें ओआरएस का पैकेट दे दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि देर रात पंकज की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता थी लेकिन चिकित्सक किसी भी तरह से उन्हें अस्पताल से भगाने पर तुले थे। हैरत की बात तो यह है कि जब उन्होंने काउंटर पर कार्ड दिखाकर दवाएं मांगी तो स्टाफ ने दवाएं खत्म होने की बात कहकर उन्हें बाजार से खरीदने की बात कह दी। हैरत की बात यह है कि जब इमरजेंसी में बेसिक दवाएं ही मरीजों को नहीं मिल रही हैं तो अस्पताल में मरीजों को किस कोटि का इलाज मिलता होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
बयान
इस बारे में मुझे जानकारी मिली है। इस पर जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ दीपा जाखड़, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, सेक्टर-10