बीके अस्पताल में नहीं किया जा रहा नियमों का पालन
हेमलता
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में महिलाओं और पुरुषों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, उसके लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं। वार्ड के बाहर महिला और पुरुष लिखा हुआ भी है लेकिन नियमों की अवहेलना की जा रही है। ऐसा ही दृश्य सोमवार को दूसरी मंजिल पर स्थित सर्जिकल महिला वार्ड और सर्जिकल पुरुष वार्ड में देखने को मिला।
अस्पताल की दूसरी मंजिल पर 205 नंबर कमरे को महिला सर्जिकल वार्ड बनाया गया है, वही 204 नंबर को पुरुष सर्जिकल वार्ड बनाया गया है, लेकिन महिला सर्जिकल वार्ड में पुरुषों को भर्ती किया जा रहा है। जबकि पुरुष वार्ड में तीन से चार बेड खाली पड़े हैं।
205 नंबर कमरे में भर्ती महिला मरीज ने बताया कि उनके सामने वाले बेड पर एक पुरुष को भर्ती किया गया है। जिसके पैर की सर्जरी की गई है। जबकि उनको महिला सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि दिन के समय के साथ-साथ रात के समय वह अपने आप को कई बार असहज महसूस करती है। उन्होंने बताया कि उनके साथ रात के समय उनका कोई परिचित रहता है, लेकिन उसके बावजूद उनको डर लगा रहता है कि कोई घटना घटित ना हो जाए।
सिर्फ नाम के लिए बनाया गया है वार्ड
दूसरी मंजिल पर मौजूद कर्मचारियों से जब इस बारे में बात की गई तो उसने कहा कि महिला और पुरुष वार्ड तो बना दिए गए हैं, लेकिन नियमों का पालन नहीं होता है। मरीज को किसी भी वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है। अगर कोई उनको शिकायत करता है, तो वह इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है। इसको लेकर कर्मचारियों को आदेश दिए जाएंगे कि वह महिला व पुरुष मरीजों को अलग-अलग भर्ती करें। ताकि मरीजों को कोई परेशानी ना हो। -डॉ. सतिंदर वशिष्ठ, प्रधान चिकित्सा अधिकारी