प्रवर्तन निदेशालय की टीम सेक्टर-68 प्रोजेक्ट परिसर में जांच करने के लिए पहुंची
बिल्डर समूह के लोग और मुख्य कर्मचारी जांच के दौरान रहे गैर हाजिर
बिल्डर के चार अन्य प्रोजेक्ट भी प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में
अमर उजाला ब्यूरोे
गुरुग्राम। अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर 1497 लोगों से 360 करोड़ रुपये इकट्ठा करके निजी उपयोग में लेने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने सेक्टर-68 स्थित माहिरा अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट पहुंच कर जांच की। इस दौरान करोड़ों रुपये की चार लग्जरी गाड़ियां, लाखों के जेवर, नगदी और फर्जी दस्तावेज आदि को जब्त कर लिया।
जांच के दौरान बिल्डर पक्ष से कोई भी सामने नहीं आया। ईडी की इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट के हजारों निवेशकों को चिंता हो गई है कि उनका यह प्रोजेक्ट कब पूरा होगा और कब उन्हें सौंपा जाएगा। इसके साथ ही माहिरा के अन्य चार प्रोजेक्ट के लिए ईडी की जांच जारी है। सोमवार को ईडी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गुरुग्राम पुलिस के दर्ज किए गए एक मुकदमे के आधार पर साई आइना फार्म प्राइवेट लिमिटेड (वर्तमान में माहिरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड) के सेक्टर-68 स्थित प्रोजेक्ट में जांच की गई है। बिल्डर की ओर से सेक्टर-68 में अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 1497 खरीदारों से 360 करोड़ रुपया इकट्ठा किया गया। बिल्डर खरीदारों को निर्धारित समय सीमा के अंदर फ्लैट देने में विफल रहा। पिछले एक वर्ष से खरीदार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि ईडी की जांच में सामने आया है कि बिल्डर ने फर्जी दस्तावेज बना कर फर्जी तरीके से निर्माण का खर्चा दिखाया। इस खर्चे को बिल्डर ने अपने पक्ष में भुगतान कराया और पैसे का इस्तेमाल किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेज से करीब 107 करोड़ रुपये का हेरफेर किया गया। इसमें 57 करोड़ रुपये फर्जी खर्चा दिखाकर और 50.50 करोड़ रुपये समूह को ऋण दिखाकर हेराफेरी की गई है। निदेशालय की ओर से कहा गया है कि समूह के निदेशक धर्म सिंह छौक्कर, सिकंदर छौक्कर और विकास छौक्कर सहित अन्य मुख्य स्टाफ जांच में शामिल नहीं रहा।
शहर में माहिरा होम्स के हैं पांच प्रोजेक्ट
गुरुग्राम। माहिरा के शहर में अलग-अलग पांच प्रोजेक्ट चल रहे हैं जो अब बंद पड़े हैं। इन प्रोजेक्ट में करीब पांच हजार से ज्यादा लोगों का पैसा फंसा हुआ है। यह लोग 80 फीसदी से ज्यादा पैसा बिल्डर को दे चुके हैं जबकि मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। सेक्टर-104, सेक्टर-68, सेक्टर-95 सेक्टर-65 और सेक्टर-103 में माहिरा होम्स प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। सभी प्रोजेक्ट 2021-22 तक प्रोजेक्ट पूरा होना थे। जहां तक सेक्टर-68 प्रोजेक्ट की बात है तो यह अपने पूरा होने के सबसे नजदीक है लेकिन अब यहां पर भी काम रुक गया है।
खरीदारों की चिंता बढ़ी, अब घर कब मिलेगा
ईडी की कार्रवाई के बाद अब खरीदार इस बात से तो संतुष्ट हैं कि बिल्डर पर कार्रवाई हुई है। उन्हें इस बात की भी चिंता है कि उन्हें घर मिलने की प्रक्रिया भी रुक जाएगी। निदेशालय की कार्रवाई से बिल्डर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अमृतसर में रहने वाले केंद्र सरकार की नौकरी से रिटायर एक 70 वर्षीय बुजुर्ग कहते हैं कि उनके रिश्तेदार गुरुग्राम और दिल्ली में रहते हैं। बेटा अमेरिका में है । यह सोचकर सेक्टर-68 में फ्लैट बुक कराया था कि जीवन के अंतिम दिनों में वह शांति से दिन गुजार सकेंगे। अब यह भी मुश्किल लग रहा है।