संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्रोणाचार्य गवर्नमेंट कॉलेज में हिंदी दिवस उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बार विशेष कारणों से कार्यक्रम 14 सितंबर की बजाय 20 सितंबर को आयोजित किया गया, जिसकी भव्यता देखते ही बनती थी। समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के मूर्धन्य साहित्यकार प्रो. डॉ. पूरनचंद टंडन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में गुरुग्राम विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. राकेश योगी और कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर लीलमणी गौड़ मंच पर उपस्थित रहे। लीलमणी गौड़ ने अपनी स्वरचित कविता 'हिंदी है माथे की बिंदी' सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिंसिपल डॉ. पुष्पा अंतिल की ओर से दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी साहित्य और संस्कृति को लेकर निकट भविष्य में बड़े आयोजन की घोषणा भी की। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीमा चौधरी और विभाग के शिक्षकों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। समारोह में पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने बिहारी के दोहे सुनाकर तालियां बटोरीं। मंच संचालन प्रो. विशाल यादव ने किया जबकि छात्रा दिव्यांशी ने अपनी कविता से दर्शकों का मन मोह लिया।