बुजुर्ग नेपथ्य के नायक बनकर बदल रहे शहर की दशा और दिशा
पूनम
गुरुग्राम। कहते हैं अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता और इस बात को गुरुग्राम के बुजुर्ग सच साबित कर रहे हैं। यहां के 75 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक ढलती उम्र के सूनेपन को खुद पर हावी नहीं होने दे रहे, बल्कि समाज के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। वे किसी राजनीतिक मंच पर नेता बनकर नहीं चमकते, बल्कि नेपथ्य (परदे के पीछे) के असली नायक बनकर शहर की दिशा और दशा बदल रहे हैं। प्रस्तुत है ऐसे बुजुर्गों और उनके साथ काम करने वाले लोगों की कहानी
ये हैं नेपथ्य के नायक
नीरू यादव सेक्टर-23ए की सेक्टर के बुजुर्गों की देखरेख के लिए सक्रिय रही है। खासतौर से अकेले रह रहे बुजुर्गों की सूची बनाकर उनसे नियमित मिलने-जुलने, स्वतंत्रता दिवस और अन्य कार्यक्रमों के उनके सम्मान, उनसे ध्वजारोहण और उनकी मेडिकल और कानूनी सहायता के लिए भी टीम वर्क कराती रही है। -नीरू यादव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर-23ए
यशपाल शर्मा पालम विहार में आरडब्ल्यूए कार्यालय में बुजुर्गों के लिए इंडोर गेम और लाइब्रेरी बनवाने का श्रेय जाता है। सीनियर सिटिजन एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। 50 वर्ष से ज्यादा के लोगों को समर्पित किताबें शतायु बने वृद्ध नहीं, लीडरशिप थ्रू स्पिरिचुअलिटी, लेट द कैटरपिलर फ्लाई शीर्षक किताबें लिखी हैं। -यशपाल शर्मा, पालम विहार
सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी नरेश जैन ने 2 सितंबर 2009 को शहर में बेजुबान पक्षियों के लिए अस्पताल शुरू कराया। जैकबपुरा के इस पक्षी अस्पताल में पक्षियों के निशुल्क इलाज और देखभाल की व्यवस्था है। गुरुग्राम में वन विभाग और जिला प्रशासन के पास भी इस तरह का कोई अस्पताल नहीं था। नगर निगम की जमीन लीज पर लेकर इन्होंने यह अस्पताल शुरू कराया। -नरेश जैन, जवाहर नगर
न्यू गुरुग्राम सीनियर सिटिजन एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएल सिंगला सेक्टर-82 व 83 के करीब छह सोसाइटियों में समस्याओं को लेकर पुरजोर तरीके से आवाज उठाते रहे हैं। वाटिका सिटी में 33 केवी सबस्टेशन, सेक्टर 82-83 को जोड़ने वाली सड़क बनवाने को श्रेय इन्हें जाता है। -एसएल सिंगला, वाटिका सिटी सेक्टर-82
91 वर्षीय एनबी नायर भाभा एटॉमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक रह चुके हैं। वायु प्रदूषण और कचरा प्रबंधन को लेकर अभियान चला रहे नागरिक संगठन इनसे वैज्ञानिक सलाह लेते रहे हैं। अपनी सोसाइटी में इन्होंने अपने साथ महिलाओं का बड़ा समूह तैयार किया है जो सोसाइटी के कर्मियों के बच्चों और पड़ोस के जरूरतमंद परिवार को बच्चों को शिक्षा देती हैं। -एनबी नायर, यूनिवर्ल्ड गार्डन, सेक्टर-31
न्यू कॉलोनी में रहने वाले 82 वर्षीय डॉ. एसपी गौतम ने सेवानिवृत्ति के बाद से रेबीज को लेकर अभियान चलाया है। वे पिछले 23 सालों से कादीपुर पशु चिकित्सालय में लावारिस कुत्तों के लिए रेबीज रोधी टीकाकरण कैंप चलाते है। हर दो महीने पर यह कैंप होता है और करीब 1500 कुत्तों को टीका लगता रहा है। -डॉ. एसपी गौतम
79 वर्षीय आनंद तायल सेक्टर 54 की स्मृति वाटिका में पिछले 14 सालों से हर रोज हास्य योग कराते रहे हैं। उनके लाफ्टर योग क्लब में सेक्टर-54 और आसपास की सोसाइटियों के बहुत सारे बुजुर्ग और युवा भी शामिल हैं। इसके साथ बुजुर्गों की देखभाल, उनके जन्मदिन, एनिवर्सरी भी क्लब सामूहिक रूप से मना रहा है। -आनंद तायल, सेक्टर-54
कर्नल आरसी चड्ढा सीनियर सिटिजंस के कार्यक्रम में बेहतरीन गायकों में जाने जाते हैं। उन्होंने गैर प्रोफेशनल गायकों का एक समूह ग्लोबल कल्चरल फाउंडेशन बनाया है, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं। 1971 में भारत पाक युद्ध, असम में उल्फा उग्रवादियों के खिलाफ जंग और करगिल युद्ध में अपनी जांबाजी का परिचय दे चुके कर्नल चड्ढा अपनी गायकी के माध्यम से शहर के बुजुर्गों की सेवा और पूर्व सैनिकों की सहायता में जुटे हैं। -कर्नल आरसी चड्ढा, सेक्टर-17ए