फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: बंधवाड़ी के लीचेट से भूजल और मिट्टी में घुला जहर, 12 गांव प्रभावित

विज्ञापन
विज्ञापन
लैंडफिल साइट पर खडरा है 14 लाख मीट्रिक टन कूड़े का पहाड़
विज्ञापन

मिट्टी की खराब हुई सेहत, खेती पर पड़ रहा असर

अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी लैंडफिल पर पड़े लगभग 14 लाख टन कूड़े के पहाड़ से रिस रहे लीचेट के कारण भूजल और मिट्टी में जहर घुल गया है। आसपास के खेतों और भूजल के खराब होने के कारण लोग परेशान हैं। बारिश का पानी लीचेट के ऊपर है और लीचेट मिट्टी खराब करने के साथ ही भू-जल को प्रभावित कर रहा है। इस समस्या से करीब दस किलोमीटर के दायरे में बसे 12 गांवों के साथ ही अरावली का जंगल भी प्रभावित हो रहा है।

बंधवाड़ी प्लांट के पास शिवम की कृषि योग्य जमीन है। जिनकी ओर से वहां पर खेती बाड़ी की जाती है। बीते चार साल से वह लीचेट की समस्या से परेशान हैं। लीचेट उनकी जमीन में फैल गया है। इसके साथ बारिश का पानी उसके ऊपर जमा है। लीचेट वहां से हटवाया न गया तो मिट्टी व भू-जल दोनों खराब हो जाएंगे। स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यावरणविदों ने बंधवाड़ी लैंंडफिल साइट पर जमा कचरे के पहाड़ को खत्म करने और लीचेट हटाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन





एनजीटी भी लगा चुका है फटकार:
बंधवाड़ी में कूड़े के पहाड़ काे लेकर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) गुरुग्राम और फरीदाबाद जिले के नगर निगम अधिकारियों को फटकार और उन पर जुर्माना भी लगा चुका है। इसी माह 14 अगस्त को हुई सुनवाई में भी याचिकाकर्ता ने ट्रिब्यूनल को बताया था कि विगत एक साल से साइट पर कोई गारलैंड ड्रेन (सुरक्षात्मक नाला) नहीं है। इसके कारण लीचेट गांव की सड़कों और जंगल तक फैल रहा है। ट्रिब्यूनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों को साइट का संयुक्त निरीक्षण करने और तीन सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2025 को होनी है।







इसे भी जानें

: 42.33 लाख टन कूड़ा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर था

: 5.84 लाख टन कूड़ा 2024 में बंधवाड़ी पहुंचा।

: 33.66 लाख टन कूड़े का किया गया निस्तारण

: 14 लाख टन से अधिक कूड़ा लैंडफिल साइट में बाकी

- 12 हजार टन कूड़ा प्रतिदिन निकल रहा

- 4000 टन ही हो पा रहा है निस्तारित



12 गांव हो रहे प्रभावित
बंधवाड़ी गांव के निवासी व समाजसेवी मनोज कुमार ने बताया कि बंधवाड़ी में बने कूड़े के पहाड़ से आसपास के 12 गांव प्रभावित हैं। बारिश के कारण अब यहां हाल और बदहाल होे गए हैं। बंधवाड़ी गांव की आबादी 20 हजार से अधिक है। इस समस्या का हल जल्दी कराने की आवश्यकता है। - मनोज कुमार, समाजसेवी निवासी बंधवाड़ी, गुरुग्राम।



क्या होता है लीचेट
बारिश के पानी के साथ कूड़े के पहाड़ से भारी धातुएं, हानिकारक रसायन घुल कर रिसने लगते हैं। यह लीचेट भारी धातुओं, कार्बनिक और अन्य प्रदूषणकारी तत्वों के शामिल होने से खतरनाक हो जाता है। अरावली वन क्षेत्र और यहां रहने वाले जीव जंतुओं के लिए यह नुकसानदेह है। पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते है। कीटनाशकों, घरेलू रसायनों और औद्योगिक रसायनों के कचरे में होने के कारण यह लीचेट मिट्टी और भूजल में घुलकर इसे जहरीला बना रहा है।
विज्ञापन




लोगों की प्रमुख मांग..

: भूमि एवं आसपास के क्षेत्रों से तत्काल प्रभाव से लीचेट पूरी तरह साफ कर हटाया जाए।

: निजी और कृषि भूमि में लीचेट के प्रवेश को रोकने के लिए बने स्थायी बांध या अवरोधक

: नगर निगम लिखित आश्वासन दे, जिसमें रोकथाम के उपाय बताए

: पर्यावरणीय क्षति को रोकने के लिए नियमित निगरानी की जाए




बंधवाड़ी लैंडफिल से निकलने वाले लीचेट की रोकथाम के इंतजाम किए गए हैं। बारिश के चलते थोड़ा काम प्रभावित होता है। जहां पर भी समस्या है उसे जल्द ही ठीक कराया जाएगा।
- प्रदीप दहिया, आयुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें