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किसान आंदोलन: संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- मुद्दों का करो समाधान, जिससे घर लौट सकें किसान

Tue, 23 Nov 2021 12:34 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम

सार

संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह कहा कि जब तक कृषि कानूनों की वापसी के संबंध में संसद में कानून नहीं बन जाता है तब तक मकसद पूरा नहीं होता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून और शहीद किसानों के संबंध में फैसला लिया जाना भी अभी बाकी है। जब तक इनके संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जाता है, आंदोलन जारी रहेगा।
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सिंघु बॉर्डर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कृषि कानूनों के विरोध में धरना दे रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा तो कर दी है लेकिन अभी औपचारिक प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। यह जल्द से जल्द हो, जिससे धरना दे रहे किसान अपने घर लौट सकें।

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संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह कहा कि जब तक कृषि कानूनों की वापसी के संबंध में संसद में कानून नहीं बन जाता है तब तक मकसद पूरा नहीं होता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून और शहीद किसानों के संबंध में फैसला लिया जाना भी अभी बाकी है। जब तक इनके संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जाता है, आंदोलन जारी रहेगा।

संतोख सिंह ने कहा कि सरकार ने 11 दौर की वार्ता के बाद द्विपक्षीय समाधान के बजाय एक तरफा घोषणा का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2020-2021 का ड्राफ्ट भी वापस लिया जाए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अधिनियम 2021 में किसानों को सजा देने के प्रावधान को भी हटाया जाए।

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उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसानों को आंदोलन के दौरान मुकदमों में फंसाया गया है, इनको भी वापस लिया जाए। लखीमपुर खीरी मामले में शामिल केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। शहीद किसानों के परिवार वालों को मुआवजे व पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। सिंघु बॉर्डर पर शहीद किसानों की स्मृति में शहीद स्मारक बनाने के लिए जमीन दी जाए। इन मुद्दों पर सरकार जब फैसला ले लेगी, तब ही किसान अपने-अपने घरों को वापस होंगे।
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