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मांग पर लग्जरी गाड़ी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड, तीन गिरफ्तार

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गुरुग्राम। अपराध शाखा सेक्टर-10 ने मांग पर (ऑन डिमांड) लग्जरी गाड़ी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। शाखा ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हिसार निवासी अंकित व गाजियाबाद की मोटी मस्जिद केला भट्टा निवासी जलाल के रूप में हुई। दोनों की निशानदेही पर चोरी की गाड़ियां खरीदने के मुख्य आरोपी दीमापुर नगालैंड निवासी कीखेतो को नगालैंड से ही गिरफ्तार किया। उसको नगालैंड की अदालत में पेश कर राहदारी रिमांड पर लेकर टीम गुरुग्राम पहुंची। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने दिल्ली एनसीआर समेत राजस्थान में 100 से अधिक गाड़ियां चोरी करने की वारदात कबूल की है। आरोपी दिल्ली एनसीआर में दो साल से सक्रिय थे।
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सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध-1) प्रीतपाल ने बृहस्पतिवार को पत्रकारवार्ता कर बताया कि दिल्ली एनसीआर से चोरी की गई लग्जरी गाड़ी को अंकित और जलाल साढ़े पांच लाख रुपये में कीखेतो को बेचते थे। चोरी करने से पहले कीखेतो उन्हें गाड़ी का मॉडल बताता था। गाड़ी के फर्जी नंबर की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट व दस्तावेज अंकित व जलाल को भेज देता था। गाड़ी चोरी करने के बाद नंबर प्लेट लगाकर इन दस्तावेज के आधार पर यह लोग गाड़ी को चलाकर नगालैंड ले जाते थे। इनके निशाने पर फॉरच्यूनर, इनोवा समेत अन्य लग्जरी गाड़ियां होती थी।
टैब के जरिए बना लेते थे नकली चाबी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह गाड़ी चोरी करने के लिए उसका पिछला शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश करते थे। गाड़ी को अनलॉक करने व उसे स्टॉर्ट करने के लिए टैब व उपकरण के जरिये जोड़ा जाता था। इससे गाड़ी का पूरा डाटा टैब में कॉपी होते ही उनके पास मौजूद नकली चाबी से जोड़ दिया जाता था जिसके बाद यह गाड़ी को चोरी कर आसपास क्षेत्र में छिपा देते थे। गाड़ी का फर्जी नंबर व दस्तावेज प्राप्त होने के बाद इन्हें नगालैंड ले जाया जाता था।
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ग्राहक के बजट के अनुसार वसूलते थे राशि
पूछताछ में सामने आया कि गाड़ी को नगालैंड पहुंचाने के बाद कीखेतो अंकित व जलाल को साढ़े 5 लाख रुपये दे देता था। इसके बाद वह ग्राहक से उनके बजट के अनुसार, रुपये वसूलते थे। पूछताछ में कीखेतो ने बताया कि वह 50 फीसदी सस्ती दर पर भी गाड़ी को बेच देता था।
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