गुरुग्राम। पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बाइक सवार दो बदमाशों ने लेबर कंट्रैक्टर को गन प्वाइंट पर लेकर चार लाख रुपये लूट लिए हैं। पुलिस टीम ने दो घंटे तक छानबीन की और 100 सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसके बाद यह मामला फर्जी निकला। सिविल लाइन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज ने आरोपी के खिलाफ अदालत में पुलिस को झूठी सूचना देने का कलंदरा भरा है।
राजेन्द्रापार्क का रहने वाला कमल सिंह लेबर कंट्रैक्टर का काम करता है। उसके लेबर नोएडा में काम कर रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह वह सेक्टर पांच के इंडिया बैंक से चार लाख चालीस हजार रुपये निकालने के बाद अपने छोटे भाई के घर गया। उसकी पत्नी को बैग रखने के लिए देकर वैगनआर कार से राजीव चौक से झाड़सा चौक के आगे निकला। सिग्नेचर टॉवर से पहले पुलिस कंट्रोल रूप में फोन कर खुद के साथ लूट की बात कही। मामले की जांच सीआईए 31, सिविल लाइन थाना प्रभारी , डीसीपी वेस्ट आर एस तोमर, एसीपी सिटी राजेन्द्र सिंह ने की। सीसीटीवी फुटेज में घर से निकलने व बैंक से भाई के घर जाने व हाईवे पर कार के पीछे दूर-दूर तक कोई बाइक न होने का पता चला। जिसके बाद पुलिस ने उसका झूठ पकड़ लिया। उसने अपनी गलती स्वीकार कर लेबरों का पैसा न देने के लिए यह नाटक रचने की बात कही।
वर्जन
लूट की सूचना के बाद वेस्ट जोन की पुलिस मौके पर थी। मामले की छानबीन के बाद दो घंटे के भीतर इस बात का खुलासा हो गया था कि सूचना फर्जी है। पुलिस आरोपी के खिलाफ 182 का कलंदरा अदालत में दे रही है।
रवीन्द्र सिंह तोमर, डीसीपी वेस्ट , गुरुग्राम।