- जर्जर भवन से मॉडल सेंटर तक का सफर, मुंढैता का केंद्र बनेगा दूसरों के लिए नजीर
सद्दाम हुसैन
पिनगवां । कभी जर्जर दीवारों, टूटी छत और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा मुंढैता गांव का आंगनबाड़ी केंद्र अब नई पहचान के साथ बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों के लिए उम्मीद का केंद्र बन गया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र अब न सिर्फ बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रखेगा, बल्कि क्षेत्र के अन्य केंद्रों के लिए भी एक मिसाल साबित होगा।
खंड पिनगवां के गांव मुंढैता स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के सौंदर्यीकरण कार्य का भव्य उद्घाटन एचडीएफसी परिवर्तन परियोजना एवं सहगल फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में खंड सुपरवाइजर पूर्णिमा शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत सहगल फाउंडेशन की टीम से पुरुषार्थ कटियार ने परियोजना का परिचय देकर की और बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ना है, ताकि बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण मिल सके।
कार्यकर्ता सुनीता ने केंद्र के बदलाव की पूरी यात्रा साझा करते हुए बताया कि पहले केंद्र की स्थिति काफी खराब थी और यहां संसाधनों की भारी कमी थी। लेकिन अब केंद्र का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने एचडीएफसी परिवर्तन परियोजना और सहगल फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि इस पहल से बच्चों के सीखने और खेलने का माहौल बेहतर हुआ है। खंड सुपरवाइजर पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि यह केंद्र अब क्षेत्र के लिए एक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। यहां उपलब्ध कराई गई सुविधाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
अब तक जर्जर भवन में चल रहा था :
हेल्पर शबनम ने बताया कि पहले भवन की हालत ऐसी थी कि अंदर जाने में भी डर लगता था। अब केंद्र में तार फेंसिंग, शौचालय, चारदीवारी, फर्श, छत की मरम्मत, बिजली फिटिंग, सोलर पैनल, इनवर्टर, बैटरी, पंखे, रंग-रोगन, बच्चों के लिए आकर्षक बाला पेंटिंग, खेल-खिलौने, कुर्सियां और फ्लोर मैट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सहगल फाउंडेशन के सहायक कार्यक्रम अधिकारी कैलाश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि परियोजना के तहत गुणवत्ता को प्राथमिकता दी गई है और अब इन सुविधाओं का संरक्षण ग्राम विकास समिति, कार्यकर्ता और हेल्पर की साझा जिम्मेदारी होगी।