सोहना में आयोजित लाडो पंचायत में उपस्थित विभिन्न शहरों से आईं लोडो की प्रतिनिधि
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सोहना। बाल विवाह का केंद्र बने सोहना ब्लॉक के गांव अभयपुर में बृहस्पतिवार को देश की दूसरी लाडो पंचायत हुई। जिसमें सरकार से संवैधानिक तौर पर लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने और बेटियों के लिए सरकारी कॉलेज की मांग की गई। अगर सरकारी कॉलेज नहीं खुला तो सरकार के प्रतिनिधियों का बहिष्कार किया जाएगा।
इस पंचायत में 11 सदस्यीय कमेटी ने प्रस्ताव पास किए। जिसमें कम उम्र में शादी करने पर लड़की के माता-पिता व शादी में शामिल होने वालों को 3 साल की जेल का प्रावधान तथा 5 लाख रुपये जुर्माना लगे। इसके अलावा पंचायत में बाल विवाह करने वालों के सामाजिक बहिष्कार की भी बात कही। कॉलेज न खोलने पर वोट न देने की बात छात्राओं ने खुले रूप से की। देश की दूसरी इस लाडो पंचायत का आयोजन भी ‘सेल्फी विद डॉटर’ के फांउडर सुनील जागलान ने करवाया। इसमें सैकड़ों की तादात में गुरुग्राम के अलावा पलवल, मेवात दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार व चंडीगढ़ से आईं लड़कियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान ड्रॉ के माध्यम से कुमारी मोनिका को पंचायत का अध्यक्ष बनाया गया। सचिव के तौर पर सुनील जागलान ने हिस्सेदारी निभाई।
हिमाचल प्रदेश की 16 वर्षीय ऋषिदा ने कहा कि हम लड़कियों को पढ़ने लिखने का बराबर का अधिकार मिलना चाहिए । साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की छात्रा मोनिका ने कहा कि संवैधानिक तौर पर सरकार आसानी से अनुछेद में बदलाव कर लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 कर सकती है, जिसके लिए सरकार को अब समय नही लगाना चाहिए। मेवात की अंजुम ने कहा कि देश को एक तरक्की शील राष्ट्र बनाने के लिए लड़कियों को बराबर के अधिकार मिलें। सरमथला की 17 साल की प्रियंका ने कहा कि सरकार लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने में क्यों देर कर रही है। हर दिन 18 की उम्र में शादी होने के कारण हजारों बेटियों के सपने टूट रहे है। ताजनगर की पूनम ने बताया कि किस प्रकार एक प्रतिभाशाली विद्यार्थी होते हुए भी 15 साल की उम्र में उसकी शादी करवा दी।
17 साल की उम्र में न चाहते हुए एक बच्चे की मां बनना पड़ा और आज मैं बुरे स्वास्थ्य से जूझ रही हूं। मोहाली (पंजाब) की आरूषि ने कहा कि शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार न होने का बाद भी किस तरह 18 साल की लड़की की शादी करवाकर उसका शारीरिक व मानसिक शोषण होता है। बिहार की अंजलि ने कहा कि हमारे प्रदेश की हजारों बेटियों को कम उम्र में शादी करके हरियाणा समेत दूसरे प्रदेशों में बेचा जाता है। सरकार धरातल पर इसको रोकने के लिए काम करें। पंचायत में कहा गया कि सोहना में कॉलेज के अभाव के कारण कक्षा 12 पास करने के बाद 80 फीसदी लड़कियों की शादी कर दी जाती है। डिग्री की पढ़ाई उनका सपना बनकर रह जाती है। पंचायत में काफी महिलाएं और लड़कियां हरियाणवी वेशभूषा में हरियाणवी गीत गाते हुए पहुंची।