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Gurugram News: चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के अन्य टावर भी असुरक्षित, चौंकाने वाली है आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट

Wed, 15 Feb 2023 03:15 PM IST
अभिषेक वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में सामने आया है कि टावर के निर्माण में घटिया कंक्रीट और क्लोराइड युक्त पानी का प्रयोग किया गया है। इमारत में लगे लोहे में जंग लग रही है। इससे तेजी से क्षरण हो रहा है। टीम ने टावर ए और जी की सैंपलिंग का काम पूरा कर लिया है। वहीं, एच की सैंपलिंग जारी है। 
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चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावर रहने के लिए असुरक्षित हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी की ई और एफ टावर भी रहने के लिए सुरक्षित नहीं है। यहां के हादसाग्रस्त डी टावर को पहले ही प्रशासन ने असुरक्षित घोषित करते हुए ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। इस तरह यहां की नौ टावर में से तीन सुरक्षित नहीं है। इस संबंध में आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की संरचनात्मक रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए एडीसी विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि ई और एफ टावर के निर्माण में घटिया कंक्रीट का प्रयोग हुआ है और क्लोराइड युक्त पानी का इस्तेमाल हुआ है। इससे लोहे में जंग लगने की प्रक्रिया जारी है और तेजी से बढ़ रही है।

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एडीसी विश्राम कुमार मीणा जोकि चिंटेल्स पैराडिसो के टावर-डी में 10 फरवरी 2022 को हुए हादसे की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित एसआईटी के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि आईआईटी दिल्ली की टीम द्वारा टावर ई और एफ की संरचनात्मक ऑडिट की रिपोर्ट जारी कर दी गई। टीम की रिपोर्ट में इन टावर्स के निर्माण में ढांचागत कमियां मिली है। जिसकी मरम्मत तकनीकी और आर्थिक आधार पर संभव नहीं है, इसलिए यह टावर्स रहने के लिए सुरक्षित नहीं है। इनको बंद किया जाए। इन दोनों टावरों में अब 40 परिवार रहते हैं।

एडीसी ने बताया कि बीते वर्ष 10 फरवरी को टावर डी में हुए हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई थी उसके बाद आईआईटी दिल्ली की टीम को इस टावर की संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी। आईआईटी दिल्ली ने पहले नवंबर- 2022 में जारी अपनी जांच रिपोर्ट में टावर डी को रहने के लिए असुरक्षित करार दिया था। जिसकी मूल्यांकन रिपोर्ट भी टावर के निवासियों व डेवलपर के साथ सेटलमेंट संबंधी प्रक्रिया के लिए सांझा की जा रही है। वहीं अब ई और एफ टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित बताया है।
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उन्होंने बताया कि हालिया रिपोर्ट में भी बिल्डिंग के निर्माण में इस्तेमाल कंक्रीट में क्लोराइड की अधिक मात्रा में मिला है। जिससे निर्माण में इस्तेमाल स्टील व कंक्रीट का क्षरण हो गया। आईआईटी दिल्ली की टीम ने यह भी सिफारिश की है कि ई और एफ- टावर को बंद कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली की जांच रिपोर्ट के आधार पर ई और एफ टावर के आवंटियों का नियमानुसार पुनर्वास किया जाएगा। इसी प्रकार, इसी सोसायटी के टावर ए और जी में भी स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए सैंपलिंग का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं टावर एच में सैंपलिंग का कार्य जारी है।

परिवारों का पुनर्वास हो, फ्लैट के बदले फ्लैट मिले : आरडब्ल्यूए

चिंटेल्स पैराडाइसो रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राकेश हुड्डा कहते हैं कि प्रशासन के रिपोर्ट जारी करने के बाद अब तय होना चाहिए कि दोनों टावरों के रहने वालों का पुनर्वास हो। सभी को फ्लैट के बदले फ्लैट दिए जाएं। इस दौरान आवंटियों के रहने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि दोनों टावरों के संबंध में रिपोर्ट जारी होने के बाद आगे क्या कदम उठाने हैं , इस संबंध में सोसाइटी की जनरल बॉडी की बैठक बुलाई जाएगी।

चिंटेल्स हादसे के बाद कब क्या हुआ

10 फरवरी 2022- सोसाइटी की डी टावर में फ्लैट की छत गिरने से हादसा, दो महिलाओं की मौत

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11 फरवरी 2022- सोसाइटी के बिल्डर अशोक सोलोमन और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया
12 फरवरी 2022- सोसाइटी के लोगों ने हादसे की सीबीआई जांच की मांग उठाई, बिल्डर की जल्द गिरफ्तारी की मांग
14 फरवरी-2022- प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोसाइटी के टावरों की संरचनात्मक जांच के आदेश दिए
18 फरवरी 2022- आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी पहुंची
19 फरवरी 2022- सोसाइटी की टावर ई, एफ, जी और एच से आईआईटी दिल्ली की टीम ने नमूने लिए
2 मार्च 2022- कक्षा 11 में पढ़ने वाले छात्र ने हादसे के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार की
6 मार्च 2022- आईआईटी दिल्ली की टीम एक बार फिर से चिंटेल्स सोसाइटी पहुंची, टावर ई, एफ, जी और एच का निरीक्षण किया
18 मार्च 2022- जिला प्रशासन ने चिंटेल्स समूह के सभी प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर रोक लगाई।
5 नवंबर 2022- जिला प्रशासन ने घोषणा की कि डी टावर को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा, ई और एफ की जांच होगी
22 दिसंबर 2022- हादसे के बाद इस मामले में पहली गिरफ्तारी हुई, एक 40 वर्षीय ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया।
16 जनवरी 2023- सीबीआई ने बिल्डर अशोक सोलोमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, जांच शुरू की
10 फरवरी 2023- हादसे को एक वर्ष हुआ और निवासियों ने विरोध मार्च निकाला
14 फरवरी 2023- सोसाइटी की ई और एफ टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया

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