-हत्या जैसे गंभीर अपराध के साथ चोरी की कई वारदातों में शामिल हो रहे नाबालिग
विराट त्यागी
गुरुग्राम।
साइबर सिटी में नाबालिग अपराध की दुनिया में शामिल हो रहे हैं। ऑनलाइन गेम के जरिए मोबाइल की दुनिया में फंसे नाबालिग चोरी की वारदातों से लेकर हत्या जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त हो रहे हैं। जिस उम्र में बच्चों को खेल के मैदान में हुनर दिखाना की चाह होनी चाहिए, वह हत्या जैसे गंभीर अपराध में शामिल हैं।
मनोचिकित्सकों के मुताबिक किशोरावस्था में बच्चों में जुनून होता है। इस जुनून के कारण वह कई बार गलत कदम उठा लेते हैं। किशोरावस्था में दुष्कर्म, हत्या जैसे संगीन अपराधों में शामिल हुए हैं। इसके पीछे सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम के साथ-साथ ही छोटी उम्र में नाम करने के कारण हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मोबाइल की एक दुनिया है जिसे किशोर असलियत मानते हुए उसमें अपने जीवन को देखने लगते हैं। हाल में मोबाइल चोरी के एक मामले में सात वर्षीय बच्चे की कैंची से हमला करके हत्या कर दी गई थी। बच्चे ने मोबाइल चोरी की बात पर आरोपी नाबालिग से माफी भी मांग ली थी। इसके बाद भी संगीन अपराध को अंजाम दिया गया।
पिछले दिनों विभिन्न मामलों में संलिप्त नाबालिग-
1.जुलाई 2024 में किशोर ने नौ साल की बच्ची का गला घोटकर हत्या की, फिर आग लगाई
2. दिसंबर 2024 में स्कूल में बम की धमकी देने के मामले में 12 वर्षीय गिरफ्तार
3.अप्रैल 2025 को चोरी के मामले में दो नाबालिग गिरफ्तार
4.जून 2025 में मोटरसाइकिल चोरी करने के मामले में एक गिरफ्तार
5.जुलाई 2025 में मोटरसाइकिल चोरी करने के मामले में दो गिरफ्तार
6.जुलाई 2025 फोन चोरी करने पर सात वर्षीय बच्चे की कैंची से हत्या करने में एक गिरफ्तार
वर्जन
मोबाइल की दुनिया एक नकली दुनिया है। किशोरों को यह समझाना चाहिए। उनके अभिभावकों को बच्चाें से प्रतिदिन समय निकालकर बात करनी चाहिए। उनके साथ शारीरिक गतिविधि में शामिल हो। किशोरों में यह विश्वास हो कि उनसे कोई गलती होने पर संभालने वाले और समझने वाले हैं। विशेषकर उनके मोबाइल पर ध्यान दें कि वह उस पर क्या-क्या करते हैं।
- ब्रह्मदीप संधू, वरिष्ठ मनोचिकित्सक