मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार बॉबी कटारिया का तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद बृहस्पतिवार को अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बॉबी को लेकर अदालत में पुलिस की तरफ से रिमांड नहीं मांगा गया । अब इस मामले में 14 जून को सुनवाई होगी। रिमांड के दौरान कटारिया ने 33 लोगों को विदेश भेजने की बात कबूली है।
मामले की सुनवाई ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास मंदीप सिंह की अदालत में हुई। दोपहर करीब दो बजे सीआईए 10 की टीम ने आरोपी बॉबी कटारिया को अदालत में पेश किया था। अदालत में पुलिस की तरफ से रिमांड नहीं मांगने के बाद अदालत ने बॉबी कटारिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, यूपी के फतेहपुर निवासी अरुण कुमार व हापुड़ निवासी मनीष तोमर ने बजघेड़ा थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि बॉबी के यूट्यूब चैनल पर विदेश में नौकरी दिलाने का विज्ञापन देखकर उन्होंने बॉबी कटारिया से संपर्क किया।
बॉबी कटारिया के कहे अनुसार लाखों रुपये देने के बाद वह 28 मार्च को एयरपोर्ट पर वैन्टाइन की फ्लाइट में बैठ गए। वैन्टाइन एयरपोर्ट पर उन्हें अभी नामक युवक मिला। जिसने खुद को बॉबी कटारिया का दोस्त व पाकिस्तानी एजेंट बताया। उसने हमें वैन्टाइन के एक होटल में छोड़ दिया। दूसरे दिन अभी ने उन्हें नावतुई के लिए ट्रेन में बैठा दिया।
नावतुई स्टेशन से अभी ने टैक्सी द्वारा उन्हें गोल्डन ट्रैंगल छुड़वा दिया। जहां पर उन्हें अंकित शौकीन व नितीश शर्मा उर्फ रॉकी एक चाईनीज कंपनी में ले गए। वहां पर दोनों दोस्तों के साथ जमकर मारपीट की गई और उनके पासपोर्ट छीन लिए गए। वहीं उन्हें अमेरिकन लोगों के साथ साइबर फ्रॉड करने को मजबूर किया गया।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया था नौकरी का झांसा देकर भेजता था कटारिया
कंपनी में करीब 150 भारतीय इसी प्रकार मानव तस्करी करके लाए गये थे। जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, जिनको बॉबी कटारिया जैसे दलालों ने नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी करके भेजा हुआ है।
जैसे-तैसे युवक मौका पाकर वहां से भाग निकले और इंडियन एंबेसी पहुंच वापस भारत आए और बजघेड़ा थाना पुलिस को शिकायत दी। मामले में पुलिस ने बॉबी कटारिया को उसके ऑफिस से गिरफ्तार कर लिया था।