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Gurugram News: कागजों में घर पूरा, जमीन पर अधूरा...जांच में खुलासा

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जिला नगर योजनाकार विभाग सख्त... मानक के विपरीत बने भवन व ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी निशाने पर
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नंबर गेम- 1500 ओसी सीएम फ्लाइंग के रडार पर


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर की लाइसेंस कॉलोनियों में ओक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने के नाम पर चल रहे गोलमाल की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही है। हाल ही छह महीनों में जारी हुए करीब 1500 ओसी अब सीएम फ्लाइंग की रडार पर हैं। शुरुआती जांच में सीएम फ्लाइंग के सामने चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एक बिल्डर सोसाइटी की ओर से दिए गए फ्लैट की ओसी हो गई है मगर अभी तक उसमें रहने वालों को मूल सुविधा नहीं मिली हैं। मामला चार माह से कष्ट निवारण की बैठक में चल रहा है। मामले की जांच उपायुक्त को सौंपी गई है। दूसरी ओर एसीबी ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
विभाग के डीटीपी प्लानिंग कार्यालय और सीएम फ्लाइंग की संयुक्त टीम ने सेल्फ सर्टिफिकेशन नियमावली के तहत आर्किटेक्ट्स द्वारा जारी ओसी की जमीनी जांच शुरू की। टीम ने अंसल एसेंसिया, अनंतराज, साउथ सिटी-1, साउथ सिटी-2 और सेक्टर-61 की अलग-अलग लाइसेंस कॉलोनियों में करीब 20 स्टिल्ट प्लस चार मंजिला इमारतों का निरीक्षण किया।
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अधूरे निर्माण पर भी जारी की ओसी
संयुक्त जांच के दौरान सामने आया कि कई इमारतों में जहां निर्माण कार्य अधूरा था, वहां उन्हें पूर्ण बताकर ओसी जारी कर दिए गए थे। 20 में से कम से कम पांच इमारतें ऐसी मिलीं, जिनमें सिविल वर्क की शुरुआती अवस्था में ही ओसी जारी कर दिया गया था। कुछ जगहों पर तो ईंटों के कच्चे ढांचे पर ही कागजी तौर पर तैयार इमारत घोषित कर दी गई। आर्किटेक्ट्स द्वारा जारी किए जा रहे ओसी पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे और टाउन प्लानिंग विभाग के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। इसी के चलते सीएम फ्लाइंग ने डीटीपी प्लानिंग को पत्र लिखकर एक जुलाई 2025 से 15 मार्च 2026 तक जारी सभी ओसी की सूची मांगी थी। विभाग ने करीब 1500 ओसी की सूची तैयार कर जांच एजेंसी को सौंप दी है।
नियमावली में केवल 10 प्रतिशत ओसी जांच करने का प्रावधान
टाउन प्लानिंग की नियमावली के हिसाब से डीटीपी प्लानिंग आर्किटेक्ट द्वारा विभाग में जमा करने वाली ओसी की फाइल्स में केवल 10 प्रतिशत फाइलों की ही जांच कर सकता है और यह 10 प्रतिशत फाइल भी विभाग का सॉफ्टवेयर रैंडम सेलेक्ट करता है। ऐसे में टाउन प्लानिंग के डीटीपी प्लानिंग कार्यालय की तरफ से सीएम फ्लाइंग टीम का पूरा सहयोग किया जा रहा हैं ताकि इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

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मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की ओर से 1 जुलाई 2025 से लेकर 15 मार्च 2026 तक आर्किटेक्ट द्वारा जारी किये गए ओक्यूपशन सर्टिफिकेट की सूची मांगी थी जो कि विभाग ने मुहैया करा दी है। इसके अलावा जांच पड़ताल के लिए विभाग द्वारा एक एटीपी और जूनियर इंजीनियर की सहयोग के लिए सीएम फ्लाइंग टीम के साथ ड्यूटी लगाई है। - प्रवीण चौहान, डीटीपी प्लानिंग गुरुग्राम।
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कष्ट निवारण की बैठक में डीटीपी की ओर से बताया गया कि ओसी मुख्यालय से दी जाती है। अब उन्हें उपायुक्त की ओर से की जाने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार है। कष्ट निवारण समिति में सवाल उठाने से अन्य विभाग काम करना शुरू कर रहे हैं। -चंदन दीप सिंह, शिकायतकर्ता, सेक्टर-107, गुरुग्राम
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