गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजस्थान के बहरोड़ में भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस दौरान पकड़े गए गिरोह के सदस्य अशोक और पारस ने स्वीकार किया है कि वह गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की जांच के नाम पर महिलाओं से 28 हजार रुपये तक वसूलते थे। टीम ने इन दोनों को बहरोड़ थाने की पुलिस को सौंप दिया है।
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि विभाग को रेवाड़ी के पास भ्रूण लिंग जांच किए जाने की सूचना मिली थी। इसी के आधार पर इस गिरोह के मुख्य दलाल पारस से संपर्क कर 28 हजार रुपये में जांच की बात तय हुई। शुक्रवार को पारस ने महिला को बुलाया और वह राजस्थान के शाहजहांपुर कस्बे में लेकर गया। वहां पर पारस ने अशोक नाम के व्यक्ति से मुलाकात की और महिला को लेकर बहरोड़ के एक अस्पताल में पहुंचा। वहां जांच कराने के बाद अशोक ने पारस को फोन पर बताया कि महिला के गर्भ में लड़का है।
जब पारस ने यह सूचना महिला को दी, तो उसी समय पारस को पकड़ लिया। बाद में अशोक को भी बहरोड़ इलाके से पकड़ा लिया। अशोक के मुताबिक रतन नामक व्यक्ति भी इसमें संलिप्त है। इस प्रकरण में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ बहरोड़ थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है। पुलिस ने बाद में पारस के पास से चार हजार और अशोक से 20 हजार रुपये बरामद किए हैं। सीएमओ डा. विरेंद्र यादव का कहना है कि इस प्रकरण में जांच की जा रही है।