प्रोजेक्ट के तहत नूंह के 22 गांवों की 485.14 एकड़ भूमि का किया गया है अधिग्रहण
शेरसिंह डागर
नूंह। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश के आर्थिक विकास में गेम चेंजर साबित होगा। वहीं, मेवात के विकास को भी गति देगा। जल्द ही इस योजना के तहत मेवात में रेल की सीटी सुनाई देगी।जानकारी के मुताबिक हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत नूंह के 22 गांवों की लगभग 485.14 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसका मुआवजा दिया जा चुका है। इसमें 11 गांव उप तहसील इंडरी व 11 गांव तहसील तावडू के शामिल हैं। इस परियोजना के लिए केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ-साथ लगभग 50 मीटर की चौड़ाई में भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस भूमि अधिग्रहण के लिए सभी भू स्वामियों की दावे और आपत्तियां हो चुकी हैं।
बता दें कि यह परियोजना कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस हाईवे के साथ-साथ शुरू होने जा रही है। निश्चित तौर पर इससे यहां एक ओर आम आदमी को आने-जाने की सुविधा होगी, वहीं रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। मेवात में रेल की यह पहली पटरी होगी जिस पर भविष्य में यात्रियों के अलावा माल गाड़ी चलाने की भी योजना बताई जा रही है। इससे जहां मेवात से चंडीगढ़ की दूरी कम होगी, वहीं रेल शुरू होने से यहां उद्योग धंधों को भी बढ़ावा मिलेगा। मेवात में उद्योग धंधों को बढ़ावा मिलने की इसलिए भी ज्यादा गुंजाइश है क्योंकि एनसीआर में मेवात का ही इलाका अभी खाली है। मानेसर, गुरुग्राम, भिवाड़ी जैसे विकसित शहरों में जितना पैसा जमीन खरीदने में खर्च होता है। इतने पैसे में मेवात जैसे इलाके में यूनिट आसानी से खड़ी की जा सकती है। यहां अभी जमीनों के रेट अन्य जिलों के मुकाबले काफी कम है। लिहाजा सरकार की यह योजना निश्चित तौर पर मेवात के विकास को गति देने में कारगर साबित होगी।
रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र होगा गुलजार
इस योजना के तहत मेवात में स्थापित रोजका मेव औद्योगिक क्षेत्र गुलजार होगा। पुराने औद्योगिक क्षेत्र में जहां कई दर्जन यूनिट चल रही है, वहीं नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए अधिग्रहित की गई करीब 1600 एकड़ जमीन पर काम चल रहा है। यहां देश की सबसे बड़ी बैटरी बनाने की एक कंपनी शुरू हो रही है। इसके अलावा यहां इस योजना से अन्य यूनिटों को भी बढ़ावा मिलेगा। यातायात के साधन बेहतर होने के कारण यहां अन्य उद्योगपति भी अपना रुख करेंगे। लिहाजा इससे वर्षों से दम तोड़ रही औद्योगिक नगरी रोजमेव फिर से गुलजार होगी और लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
पहली बार मेवात में दिखेगी रेल की पटरी
खास बात यह है कि देश की आजादी के बाद से ही आज तक मेवात में रेल लाइन नहीं बिछाई है। अगर यह परियोजना शुरू हो जाती है तो मेवात में पहली बार रेल की सीटी सुनाई देगी और इसके दूरगामी परिणाम होंगे।
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यह मेवात की लाइफ लाइन होगी इससे यहां विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। -विश्राम मीना, उपायुक्त
फोटो- रेल की पटरी। फाइल फोटो।