एक सवाल के जवाब में सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव ने कहा कि सौ फीसदी टीकाकरण के आंकड़े से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। अब एक रेंडम सर्वे कराएंगे। सर्वे में यह पता किया जाएगा कि अभी और कितने लोग हैं जिनका टीकाकरण किया जाना है। उनकी पहचान की जाएगी। टीकाकरण की प्रक्रिया को लगातार चलाया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में हजार- हजार की संख्या में सर्वे किया जाएगा जिसमें वैक्सीनेशन से अछूते रहे लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी कितनी आबादी का टीकारण के सवाल का सिविल सर्जन ने कहा कि यह आंकड़ा अभी जुटाया जा रहा है।
प्रवासी आबादी लगा रही सवालिया निशान :
स्वास्थ्य विभाग भले ही सौ फीसदी टीकाकरण का दावा कर रहा है पर शहर में रह रही प्रवासी आबादी इस दावे पर सवालिया निशान लगा रही है। एक अनुमान के हिसाब से शहरी आबादी ही करीब 35 लाख है। इनमें प्रवासियों की संख्या अधिक है। हर दिन शहर के किसी न किसी हिस्से में औद्योगिक या निर्माण कामगार आते हैं। ऐसी कितनी आबादी का टीकाकरण पूरा हो पाया, इसका आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
इसी वर्ष 16 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स को टीका लगाने के साथ शुरू हुए इस अभियान को सौ प्रतिशत आबादी तक ले जाने में टीकाकरण के 40 हजार 441 सेशन आयोजित किए गए थे। वहीं 03 नवंबर से शुरू किए गए 'हर घर दस्तक' अभियान में जिला के 06 लाख 97 हजार 672 घरों में जाकर 02 लाख 53 हजार 357 लोगों का टीकाकरण किया गया। जिला में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रत्येक माह की 09 तारीख को सेशन आयोजित कर 08 हजार 431 महिलाओं को कोरोना रोधी वैक्सीन दी गयी।
41 लाख आबादी को वैक्सीन :
टीकाकरण अभियान के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह के अनुसार अब तक 41 लाख 28 हजार 596 डोज लगाई गई है। 18 से 44 वर्ष के 16 लाख 40 हजार 210 लोगों को पहली व 12 लाख 14 हजार 84 को दूसरी डोज दी गयी है। वहीं 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग के तीन लाख 76 हजार 826 को पहली व तीन लाख 13 हजार 816 लोगों को दूसरी डोज दी गयी। 60 वर्ष से ऊपर दो लाख 12 हजार 338 को पहली व एक लाख 87 हजार 91 को दूसरी डोज दी गई है।