स्पष्ट कहा- व्हीलचेयर नहीं जाएगी अंदर
दिल्ली निवासी एक दिव्यांग महिला 11 फरवरी की रात को अपने दोस्त और उसके परिवार के साथ गुरुग्राम के एक नामी रेस्टोरेंट में गई थीं। काफी समय के बाद वह घर से बाहर निकलीं थीं। उनके दोस्त के बड़े भाई ने चार लोगों के लिए एक टेबल मांगी। डेस्क पर तैनात कर्मचारियों ने उनकी बात को नजरंदाज कर दिया। तीसरी बार जब उन्होंने पूछा तो कर्मचारियों ने जवाब दे दिया कि व्हीलचेयर अंदर नहीं जाएगी। महिला के साथ मौजूद लोगों ने कहा कि वह इसका प्रबंध कर लेंगे, बस एक टेबल बुक करें।
बाहर मेज लगाने का दिया विकल्प
इसके बाद रेस्टोरेंट कर्मियों ने जो कुछ कहा उसने कुछ देर के लिए सबको चौंका दिया। कर्मचारी ने कहा कि अंदर ग्राहक परेशान होंगे। ये कह कर उसने प्रवेश देने से मना कर दिया। काफी देर इस पर गहमागहमी हुई तो कर्मचारी ने बाहर एक टेबल लगाने के लिए कहा। बाहर बैठना हास्यास्पद था। ठंड हो रही थी और वह ठंड में ज्यादा देर तक बाहर नहीं बैठ सकती थीं। इससे उनके शरीर में ऐंठन हो जाती है। यह सचमुच उनके लिए असुरक्षित था। उनका सवाल है कि वह उन्हें बाहर ही क्यों बैठाना चाहते थे, बाकी सब से अलग। इसी पर महिला ने पूरा घटनाक्रम बताते हुए ट्वीट कर दिया।