केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन के तीसरे चरण में नई गाइडलाइन के अनुसार गुरुग्राम को ऑरेंज जोन घोषित कर दिया है, लेकिन शहर के लोगों को यह घोषणा रास नहीं आ रही है। लोगों का आरोप है कि शहर में आए दिन कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे हैं। ऐसे में गुरुग्राम में लोगों को किसी भी प्रकार छूट देने मतलब शहर में कोरोना अपने और ज्यादा पैर पसार सकता है।
इसलिए सरकार को शहर को रेड जोन में ही रहने देना चाहिए। जिससे कोरोना के संक्रमण पर काबू पाया जा सके। लोगों ने कहा कि ऑरेंज जोन में सभी प्रकार छूट दी जा रही है। इस कारण सरकार को गुरुग्राम के लिए रेड जोन घोषित करना चाहिए।
लोगों की प्रतिक्रिया
सरकार ने अपने फायदे के लिए लोगों की जिंदगी दांव पर लगा दी है। गुरुग्राम में आए दिन कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। ऑरेंज जोन में नाई की दुकान, बसें, टैक्सी आदि चलेंगी तो इनसे संक्रमण ज्यादा फैल सकता है। इसलिए सरकार का यह फैसला गलत है। - बनवारी लाल सैनी
ऑरेंज जोन में बुजुर्ग और बच्चों को घर रहने के निर्देश दिए हैं, तो बाकी सदस्य घर से बाहर जाएंगे, तो क्या संक्रमण नहीं फैलेगा। सरकार को गुरुग्राम को फिलहाल रेड जोन में ही रखना चाहिए था। - बह्म प्रकाश
कैब में दो से ज्यादा लोग नहीं कर सकेंगे यात्रा
जिले के ऑरेंज जोन में आ जाने के बाद शहरवासियों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। रेड जोन में जहां साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, कैब और टैक्सी सेवा पर प्रतिबंध था, वहीं गुरुग्राम के ऑरेज जोन में आने पर इन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। कैब और टैक्सी सेवा में ड्राइवर के साथ दो यात्रियों को ले जाने की अनुमति होगी।
लेकिन इस दौरान बसों के परिचालन पर रोक होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक और निर्माण के कार्य में रेड जोन वाली शर्तें रहेंगी जबकि 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ निजी कार्यालयों को शुरू किया जाएगा।