नूंह के उपायुक्त धीरेन्द्र ने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे कोरोना से बचाव को लेकर गंभीर बनें। भले ही कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है। कोरोना से बचने का मास्क एक मात्र कारगर उपाय है। इसलिए आमजन मास्क को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य रूप से हिस्सा बना लें।
उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाएं और दूसरों को भी वैक्सीन की डोज लेने के लिए प्रेरित करें। सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क रूप से कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। स्वेच्छा से आगे आकर कोरोना वैक्सीन की डोज लें, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि अब लोगों को और अधिक सतर्क व सजग रहने की जरूरत है। भीड़-भाड़ से बचते हुए एक-दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखें। सार्वजनिक स्थान पर या घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें। उन्होंने कहा कि मास्क कोरोना से बचाव का कारगर उपाय है, इसलिए आमजन लापरवाही न बरतें और दृढ़ता से मास्क उपाय की अनुपालना करें।
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना से बचाव उपायों में कोई भी ढिलाई हानिकारक सिद्ध हो सकती है। लोगों को स्वेच्छा से ही कोरोना से बचाव के नियमों विशेष तौर पर मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग की अनुपालना करने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना होगा।
कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सबको एकजुट प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को इस समय पूर्ण अहतियात बरतने की जरूरत है। लोगों को चाहिए कि वे अनिवार्य रूप से मास्क लगायें व सैनिटाइजर का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है, वे भी कोरोना से बचाव उपायों की अनुपालना करें।
कोरोना वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। लोगों को आगे आकर वैक्सीन लगवानी चाहिए। खुद की सुरक्षा तथा अपने घर-परिवार की सुरक्षा के लिए वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। उपायुक्त ने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि जब तक शत-प्रतिशत कोरोना वायरस से मुक्ति नहीं मिलती तब तक मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग की अनुपालना करनी होगी। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे कोरोना वायरस से संरक्षित रहने के लिए वैक्सीन अवश्य लगवायें।