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गुरुग्राम : नमाज स्थल पर भजन-कीर्तन, बिना नमाज पढ़े लौटे लोग, दुविधा बरकरार

Sat, 18 Dec 2021 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

कुछ युवकों ने भारत माता की जय बोलने को कहा, हिंदुस्तान जिंदाबाद बोल कर लौटे। 
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नमाज स्थल पर भजन -कीर्तन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खुले में नमाज को लेकर शुक्रवार को भी जबरदस्त विरोध हुआ। हालांकि प्रशासन की ओर से तय छह जगहों में नमाज तो हुई लेकिन पहले जैसी भीड़ नहीं जुट सकी, क्योंकि अधिकतर नमाजियों को नए स्थानों का पता नहीं था। उन्हें ये भी नहीं पता था कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश के बाद प्रशासन ने पूर्व निर्धारित सभी स्थानों पर खुले में नमाज पर रोक लगा दी है, इसलिए बहुत से लोग पहले निर्धारित किए स्थानों पर पहुंचे और बाद में मायूस लौटना पड़ा। केवल सेक्टर 29 में एक जगह पुलिस की मौजूदगी में तीन अलग-अलग शिफ्ट में नमाज हुई। यहां करीब छह हजार लोग पहुंचे थे। 

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दरअसल बृहस्पतिवार को केवल छह स्थानों पर नमाज की सहमति बनी थी। दोपहर 12 बजे से ढाई बजे तक नमाज को लेकर गुरुग्राम पुलिस और प्रशासन में सरगर्मी बनी रही। उद्योग विहार फेज पांच में नमाज अदा करने पहुंचे लोगों को देख कर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। यहां स्पाइस जेट बिल्डिंग के सामने खाली मैदान में नमाज होनी थी। नमाज की तैयारी होती इससे पहले ही स्थानीय लोग पहुंच गए और  विरोध शुरू कर दिया। हिंदू पक्ष की ओर से भारत माता की जय के नारे लगाए जाने लगे। नमाजियों से भी भारत माता की जय बोलने को कहा गया,  लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए और वहां से चले गए। उन्होंने कह दिया नमाज नहीं अदा करेंगे। इसके बाद कुछ लोगों ने वहां नमाज की और अपने काम पर लौट गए। 

सेक्टर-37: नमाज स्थल पर भजन -कीर्तन
सेक्टर 37 में आयावर्त सेना ने नमाज के समय पर ही भजन कीर्तन का कार्यक्रम शुरू कर दिया। दूसरी ओर भंडारा शुरू किया गया। आयावर्त सेना के कार्यकर्ताओं की संख्या देख कर यहां कोई नमाज अदा करने नहीं पहुंचा। नमाजी माहौल शांत होने का इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में मायूस लौटना पड़ा। इस दौरान गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल के सदस्य शाबिर कासमी द्वारा मीडिया को बयान देने पर भी जमकर नारेबाजी हुई। कासमी यहां से लौट कर सेक्टर 29 पहुंचे और वहां नमाज अदा की। सेक्टर 37 में बाद में कुछ लोगों ने नमाज अदा की। 
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सेक्टर-29 में पुलिस की मौजूदगी में नमाज अदा की गई। यहां व्यवस्था संभाल रहे इमाम मो. शबीर रजा, मो. अब्दुल रशीद बरकाती,मुफ्ती खुर्शीद रजा, इस्लाम रजा ने तीन शिफ्टों में नमाज अदा कराई। तकरीबन छह हजार लोगों ने यहां नमाज पढ़ी।  

पांच लाख नमाजियों की समस्या 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 10 दिसंबर को कहा था कि खुले में नमाज सहन नहीं की जा सकती है। नमाज नियत स्थान पर होनी चाहिए। प्रशासन इसका समाधान निकाले। छह दिन बाद बृहस्पतिवार को डीसीपी पश्चिम ने छह स्थानों पर नमाज की सहमति दी, लेकिन शुक्रवार को उन्हीं में से दो स्थानों पर विरोध हो गया। पांच लाख नमाजियों के सामने हर शुक्रवार जुमे की नमाज से पहले विवाद हो जाता है।  गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। उस पर सुनवाई का इंतजार है। यहां वर्ष 2002 से खुले में नमाज हो रही है, लेकिन वर्ष 2018 से  विरोध शुरू हो गया था। 

कहां क्या हुआ
-उद्योग विहार में हिंदू पक्ष से भारत माता की जय और मुस्लिम पक्ष से हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगे। बाद में नमाजी वहां से खफा होकर चले गए। इसका वीडियो तेजी से वायरल हुआ। कुछ देर बाद यहां कई लोगों ने नमाज अदा की। 
- शुक्रवार को छह जगह पर खुले में नमाज होना तय हुआ था। इनमें एयरटेल बिल्डिंग के पास, पीपल चौक और एक अन्य स्थान पर नमाज हुई। 

आमने-सामने
खुले में नमाज सही नहीं है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल  ने इस मामले में  दो टूक कह दिया है कि खुले में नमाज सहन नहीं की जा सकती है। इसका दूसरा समाधान निकाला जाए। ये एक तरह जमीनी जेहाद है, जिसको नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।  
 राजीव मित्तल, प्रदेश प्रवक्ता, संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति 
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मस्जिदों के लिए जगह मांगी जा रही है, लेकिन प्रशासन जगह नहीं दे रहा है। वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कब्जा है और लगभग 19 मस्जिदें बंद करा दी गई हैं। इसलिए खुले में नमाज मजबूरी है। हम नहीं चाहते हैं कि कोई विवाद हो।  
-सलीम कासमी,  शहर मुफ्ती और जमीयत उलमा ए हिंद के प्रधान 
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यह बोले नमाजी
खुले में नमाज मजबूरी है, इसके बाद भी हम सभी की भावनाओं का ख्याल रखते हुए प्रशासन की मंजूरी के बाद नमाज अदा कर रहे हैं। इसके बाद भी विरोध समझ के बाहर है।
 -मो. आलम
बार बार विरोध करना सही नहीं है। प्रशासन हमें जगह दे तो हम क्यों खुले में नमाज अदा करें। यहां खुले में वजू करने की भी सहूलियत नहीं है। आखिर हम सब कहां जाएं।
-मो. लुकमान
हमारा किसी से कोई टकराव नहीं है। हम प्रशासन के निर्देश पर ही नमाज करते हैं। इसके बाद भी किसी को एतराज है तो वह प्रशासन से बात करे। हमारा विरोध क्यों कर रहा है। 
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-शाबिर कासमी, सदस्य गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल

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