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गुरुग्राम मेट्रो परियोजना : पहले चरण का 35 फीसदी सिविल कार्य पूरा

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दूसरे चरण में सिविल वर्क का टेंडर जारी करने की तैयारी में है जीएमआरएल
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नंबर गेम - 27 एलिवेटेड स्टेशन हैं प्रस्तावित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के पहले चरण का 35 फीसदी सिविल कार्य 30 सितंबर तक पूरा हो गया है। जीएमआरएल दूसरे चरण के सिविल कार्य का टेंडर जल्द जारी करने की तैयारी में है। मेट्रो परियोजना में 26.65 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर और बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे तक 1.85 किलोमीटर का स्पर शामिल है। कुल 27 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। वहीं, सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर पुराने गुरुग्राम को नए गुरुग्राम, साइबर सिटी और उद्योग विहार से जोड़ेगा। शनिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कार्ययोजना की जानकारी दी। प्रायोरिटी-1 मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 35 फीसदी सिविल पैकेज का काम पूरा हो चुका है।
परियोजना का पहला चरण
14 स्टेशनों और वायाडक्ट के विभिन्न हिस्सों में कार्य जारी है। यू-गर्डर की कास्टिंग और इरेक्शन भी शुरू हो चुकी है। मिलेनियम सिटी सेंटर से हीरो होंडा चौक तक यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम चल रहा है। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक के बीच बिजली, पानी और गैस पाइपलाइन की शिफ्टिंग हो रही है। सेक्टर-10 में नए सब-स्टेशन का निर्माण भी जारी है। इन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना के लिए करीब 25 हेक्टेयर सरकारी जमीन की आवश्यकता है। लगभग 19 हेक्टेयर जमीन जीएमआरएल को हस्तांतरित की जा चुकी है।
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टेंडर विश्व बैंक के परामर्श के बाद जारी होगा
प्रायोरिटी-2 के सिविल कार्य का टेंडर विश्व बैंक के परामर्श के बाद जारी होगा। इस चरण में पुराने गुरुग्राम के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। सेक्टर-7 से साइबर सिटी तक के सिविल पैकेज की अनुमानित लागत 1,600 करोड़ रुपये है। मेट्रो परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 5,453 करोड़ रुपये थी। संशोधित परियोजना लागत मंजूरी के लिए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भेजी गई है। सिविल कार्यों में विश्व बैंक और सिस्टम पैकेज में केएफडब्ल्यू बैंक का सहयोग प्रस्तावित है। प्रायोरिटी-2 के सिविल कार्यों को टेंडर अवार्ड के बाद करीब 30 महीने में पूरा करने की योजना है।
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