कोविड-19 के कारण पिछले एक साल से आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। वहीं खिलाड़ी भी कोरोना महामारी के कारण पूरी मेहनत से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। सबसे चिंता का बात यह है कि बंद पड़ी खेल नर्सरियों के शुरू होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों का भविष्य अधर में हैं। खेल नर्सरियों के शुरू करने के लिए निदेशालय की तरफ से कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को फिलहाल खेलने या भीड़-भाड़ वाली जगह जाकर अभ्यास करने से रोक रहे हैं, जिससे उनका खेल प्रभावित भी हो रहा है। हालांकि जिला खेल विभाग के विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की देखरेख में खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं औैर निजी खेल अकादमियों में भी खेल अभ्यास शुरू हो गया है।
कोविड-19 के नियमों का ध्यान में रखते हुए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जा रहा है। वहीं खेल विभाग द्वारा स्कूली स्तर पर खेल नर्सरियों को शुरू करने संबंधी कोई दिशा-निर्देश अभी जारी नहीं किए हैं। ऐसे में संभावना है कि अगले वर्ष ही खेल नर्सरी शुरू करने को लेकर हरियाणा प्रदेश का खेल निदेशालय कोई कदम उठाए। ऐसे में खिलाड़ियों को खेल नर्सरियों के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
फरवरी माह में मांगे जाते थे आवेदन
सरकारी स्कूलों व निजी स्कूलों, खेल स्टेडियम और अकादमी में खिलाड़ियों की पौध तैयार करने के लिए खेल विभाग द्वारा कई साल पहले खेल नर्सरियां खोली गई थी। जिसमें विभाग की ओर से प्रशिक्षक नियुक्त किया जाता है और इसमें शामिल खिलाड़ियों को हर माह रिफ्रेशमेंट भी दी जाती है। खेल नर्सरी के लिए फरवरी माह में स्कूलों से आवेदन मांग जाते हैं। जिसके बाद नियमों को पूरा करने वाले स्कूलों, स्टेडियम या अकादमियों में खेल शुरू करा दी जाती है। एक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। खेल नर्सरी में चयन के लिए 7 शारीरिक टेस्ट शामिल हैं, जिसमें 30 मीटर दौड़, स्टैंडिंग ब्रोड जंप, 800 मीटर दौड़, बाल थ्रो, वर्टिकल जम्प, फारवर्ड बैंडिंग और शैटल रन में खिलाड़ियों का प्रदर्शन आंका जाता है। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी पर इन खेल नर्सरियों का निरीक्षण करने एवं इसकी रिपोर्ट खेल विभाग को भेजने का जिम्मा होता है।
लॉकडाउन के कारण शुरू नहीं हो सकी थी खेल नर्सरी
वर्ष 2020 के मार्च माह में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन शुरू हो गया था, जिस कारण सभी खेल सेंटरों और खेल नर्सरियों को बंद कर दिया गया था। वहीं 2020 के फरवरी माह में नई खेल नर्सरी शुरू करने के आवेदन भी मांगे गए थे। लेकिन बीते वर्ष कोरोना महामारी के कारण नई खेल नर्सरी शुरू नहीं हो सकी थी और पुरानी चल रही खेल नर्सरियों को भी खेल विभाग की ओर से बंद करा दिया गया था। जिला खेल विभाग के अनुसार वर्तमान में गुरुग्राम जिला में कोई भी खेल नर्सरी नहीं चल रही। सिर्फ खेल विभाग के कोच की देखरेख में ही सेंटर चलाए जा रहे हैं, जहां पर खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
खेल नर्सरी को लेकर विभाग की ओर से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में इस साल खेल नर्सरियां शुरू होने की कम ही संभावना दिखाई दे रही है। हालांकि खेल नर्सरी शुरू कराने संबंधी खेल विभाग की ओर से कोई आदेश जारी होते हैं तो उसी के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- जेजी बैनर्जी, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, गुरुग्राम।