गुरुग्राम। जिले में पहले दिन किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा सका। सोहना में किसान गेहूं लेकर पहुंचे लेकिन नमी बताकर वापस कर दिया। जबकि पटौदी और फर्रुखनगर में किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचे। वहां पर मार्केट कमेटी की ओर से गेहूं खरीद के लिए व्यवस्था कर ली गई थी। वहीं दूसरी ओर मंडी में आढ़ती सरकारी रेट से अधिक पर सरसों खरीद रहे हैं। इसलिए किसान सरकारी खरीद एजेंसी पर अपनी सरसों बेचने के लिए तैयार नहीं हैं।
प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। खरीदने के लिए पुख्ता इंतजाम के साथ-साथ वारदाना अनाज मंडियों में पहुंच चुका है। खराब मौसम को देखते हुए किसान अपनी फसल को निकाल कर बेचने के लिए मंडियों में ला रहे हैं लेकिन नमी ज्यादा होने के कारण किसानों की फसल वेयर हाउस द्वारा नहीं खरीदी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोहना की अनाज मंडी में पहले दिन दो तीन किसान अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए आए थे लेकिन नमी अधिक होने के कारण फसल नहीं खरीदी गई।
रजिस्ट्रेशन के लिए दोबारा खुलेगा पोर्टल
मार्केट कमेटी के सचिव नरेश यादव ने बताया कि जिन किसानों ने किसी तरह से अपनी गेहूं की फसल को सरकारी बोली पर बेचने के लिए पोर्टल पर आवेदन नहीं किया था। उन किसानों के लिए सरकार द्वारा पांच और छह अप्रैल को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोला जाएगा। जिस पर वह फसल बेचने के लिए आवेदन कर सकते है।
सोहना में सरसों की आवक
मार्केट कमेटी के अनुसार सोहना की अनाज मंडी में व्यापारियों द्वारा करीब एक महीने से सरसों की फसल को सरकारी बोली से ज्यादा मूल्य पर खरीदा जा रहा है। यहां पर करीब साढ़े अठारह हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई है।