सुशासन दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में बोले मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में सुशासन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को जन सेवा के माध्यम से सुशासन का संदेश दिया।
उन्होंने सरकारी सेवकों को कहा कि हम जब अंत्योदय की बात करते हैं तो हमें हमारे कार्य में संवेदनशीलता होनी चाहिए। जिस भी कुर्सी पर हम बैठे हैं, यह एक मौका हमें ईश्वर ने दिया है कि अंत्योदय के उत्थान की सोचें। इसलिए हमेशा ध्यान रखना है कि जब भी कोई व्यक्ति हमारे दफ्तर में आता है, हमसे मिलता है और अपनी समस्या रखता है तो उसे संवेदनशीलता से समझें। उसका दिया हुआ कागज एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि उसके दर्द का निचोड़ है। इसलिए उस कागज के पीछे की कहानी को समझें और जिस दिन हम उस कहानी को समझ पाए, तो मान लेना हम अपने सुशासन के प्रयास में सफल हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन दिवस के अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम हरियाणा प्रदेश को ऐसा बनाएंगे, जहां विकास समावेशी होगा, जहां नागरिक को अपनी क्षमताओं को पहचानने और निखारने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने अनेक निर्णय लेकर जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। आज घर बैठे सुविधाओं का लाभ नागरिकों को मिल रहा है, यही सुशासन का सबसे बड़ा मंत्र है।
मुख्यमंत्री बुधवार को सुशासन दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में आयोजित राज्यस्तरीय सुशासन दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने भारत रत्न से सम्मानित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जनसेवा का दायित्व संभालते ही हमारी सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन से सुशासन और सुशासन से सेवा का अपना अभियान शुरू किया था। ऐसे अभियान की सफलता साफ नीयत, नीति और निष्ठा पर निर्भर करती है। सुशासन के लिए सेवा की नीयत होनी चाहिए और नीतियां भी ऐसी होनी चाहिए कि उनमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न हो।
ई- गवर्नेंस से तय किया सुशासन का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने ई-गवर्नेंस की विभिन्न पहलुओं को अपनाते हुए सुशासन का सफर तय किया है। जमीनों की रजिस्ट्री में गड़बड़ी को रोकने के लिए रजिस्ट्री के समय प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न विभागों, बोर्डों व निगमों आदि के अनापत्ति प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी करने शुरू किए हैं। जमीनों के रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने के लिए पूरे प्रदेश में वैब-हैलरिस प्रणाली लागू की गई। राज्य सरकार ने ई-नीलामी और ई-रवाना स्कीम के माध्यम से खनन ठेकों में पारदर्शिता सुनिश्चित की।
ईमानदार और पारदर्शी सुधारों से आ रहे बेहतर परिणाम
नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन की नींव रखी है और सरकार द्वारा किए गए सुधारों से स्थापित सुशासन के सकारात्मक परिणाम आए हैं। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ घर बैठे ही पात्र लोगों को मिल रहा है। सुशासन का ही परिणाम है कि तमाम रुकावटों को पार करते हुए हमारी सरकार ने 1 लाख 71 हजार युवाओं को बिना खर्ची-पर्ची के सरकारी नौकरियां दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में भय, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद का बोलबाला था। हमारी सरकार ने एक-एक कर भ्रष्टाचार के सभी रास्तों को बंद किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता दुष्प्रचार करते थे कि जब वे सरकार में आएंगे तो पोर्टल को बंद कर देंगे। उन्हें इस बात से तकलीफ हो रही है कि पोर्टल के माध्यम से जनता को लाभ क्यों मिल रहा है। मुख्य सचिव डॉ विवेक जोशी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार लगातार सुशासन की पहल कर रही है। राज्य सरकार ने कई पहल की हैं, जिनके माध्यम से समाज के हर वर्ग से जुड़े लोगों का जीवन आसान हुआ है।
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
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