जांच के आधार पर पिलर्स, स्टेशन समेत अन्य स्ट्रक्चर का तैयार किया जाएगा डिजाइन
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने दूसरे चरण में सेक्टर-9 से साइबर सिटी स्टेशन तक 14 स्टेशनों वाले 16 किलोमीटर के मेट्रो कॉरिडोर के लिए भू-तकनीकी जांच (जियो टेक्निकल) शुरू करा दी है। इसमें गुरुग्राम रेलवे स्टेशन स्पर और सेक्टर-33 में बनने वाला डिपो भी शामिल है। भू-तकनीकी जांच के आधार पर पिलर्स, स्टेशन समेत अन्य स्ट्रक्चर का डिजाइन तैयार किया जाएगा।
मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.5 किलोमीटर मेट्रो रूट पर 27 स्टेशनों का निर्माण होना है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी से सेक्टर नौ तक सिविल वर्क के लिए कार्य आवंटित किया जाना है। जीएमआरएल अब दूसरे चरण के मेट्रो के कार्याें को सिरे चढ़ाने में जुट गया है। इसके लिए भू-तकनीकी के आधार पर मिट्टी की जांच कराई जा रही है। मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे परियोजना की डिजाइन तैयार किया जाएगा।
सर्वे के तहत 30 मीटर गहरा बोरवेल खोदकर पानी और मिट्टी के 150 से ज्यादा नमूने लेकर जांच होगी। मिट्टी गुणवत्ता के अनुसार, पिलर्स, स्टेशन समेत अन्य स्ट्रक्चर का डिजाइन तैयार किया जाएगा। भू-तकनीकी जांच के बाद मेट्रो स्टेशनों की फाइनल लोकेशन का सर्वे कराया जाएगा। इसमें मेट्रो स्टेशनों के दायरे में आ रहे सीवर, पानी, ड्रेनेज व बिजली के पोल समेत अन्य जानकारी ली जाएगी।
इसके बाद मेट्रो रूट पर ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वे होगा। इससे जमीन के नीचे दबी वस्तुओं की सटीक जानकारी मिलेगी और बेवजह खुदाई करने की जरूरत नहीं होगी। सर्वे में मेट्रो रूट में आ रहे सीवर-पानी, गैस लाइन, पाइप और बिजली तारों की सही जानकारी मिल सकेगी।
जीएमआरएल ने डिटेल डिजाइन कंसलटेंट (डीडीसी) के लिए फ्रांस की कंपनी सिस्ट्रा को रखा है। कंपनी पहले चरण में मेट्रो स्टेशनों का स्ट्रक्चर डिजाइन तैयार कर चुकी है। इसमें एलिवेटेड स्टेशनों का ले आउट प्लान, फुट ओवरब्रिज, कलवर्ट आदि का डिजाइन शामिल है। मेट्रो कॉरिडोर निर्माण के लिए सामान्य सलाहकार (जीसी) के लिए ड्यूश बान इंजीनियरिंग (डीबीईसी)- हिल इंटरनेशनल को रखा गया है। मेट्रो निर्माण में सामान्य सलाहकार (जीसी) की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। एजेंसी मेट्रो निर्माण से जुड़े हर कार्य पर निगरानी रहती है।
16 फरवरी को पीएम ने रखी थी नींव
ओल्ड गुरुग्राम को मेट्रो से जोड़ने की परियोजना काफी पुरानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को रेवाड़ी जिले में एक कार्यक्रम में गुरुग्राम मेट्रो की आधारशिला रखी थी। हालांकि, अभी तक धरातल पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। सीएम नायब सैनी ने मई से कार्य शुरू होने की बात कही थी लेकिन निर्माण का टेंडर नहीं होने से काम शुरू नहीं हो सका है।
जल्द काम शुरू करने की उम्मीद
जीएमआरएल ने पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक सिविल निर्माण के लिए टेंडर दिया था। इसमें आठ कंपनियां आई थीं। सूत्रों के अनुसार, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड और रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड की संयुक्त साझेदारी कंपनी सिविल निर्माण कार्य के लिए सबसे कम बोली लगाने वाला ठेकेदार (एल-1) घोषित किया गया है। कंपनी ने इस बारे में बीएसई को जानकारी दी है। इसमें जीएमआरएल के 1503.63 करोड़ के टेंडर में कंपनी को एल-वन की जानकारी दी गई है।