अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिवाली के त्योहार पर शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। एक ओर जहां घरों से कूड़ा उठान (डोर-टू-डोर कलेक्शन) की व्यवस्था ध्वस्त है। दूसरी ओर शहर में बनाए गए जीरो वेस्ट प्वाइंट्स भी अब कूड़े के ढेर में तब्दील हो गए हैं। नगर निगम (एमसीजी) की लापरवाही के कारण शहर की सड़कों के किनारे और जीवीपी प्वाइंट्स पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे निवासियों की परेशानी बढ़ गई है।
कई स्थनों पर निगम ने कूड़ा एकत्रित करने के लिए ट्रॉलियां तो खड़ी कर दी हैं, लेकिन उन्हें समय पर खाली करवाना भूल गया है। नतीजतन, ये ट्रॉलियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर कूड़ा बिखेर रही हैं। घरों से कूड़ा नहीं उठने के कारण, निवासी मजबूरन कूड़ा लेकर जीवीपी प्वाइंट्स पर जाते हैं लेकिन जब प्वाइंट्स भी भरे मिलते हैं तो उन्हें खुले में कूड़ा फेंकना पड़ता है। त्योहारों के बाद निकलने वाले अतिरिक्त कचरे के सड़ने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
यह गंदगी स्वास्थ्य और वायु प्रदूषण दोनों के लिए खतरा बन रही है। शहर निवासी पिछले 16 महीने से कूड़ा कलेक्शन की खराब व्यवस्था को लेकर लगातार परेशानियों से जूझ रहे हैं। निगम की इस लापरवाही से शहर के स्वच्छता दावों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नागरिकों ने निगम से अपील की है कि वह तत्काल इन जीवीपी प्वाइंट्स को खाली करवाए और घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को दुरुस्त करे।
शहर में जहां भी कूड़े के ढेर या जीवीपी प्वाइंटों पर कूड़ा पड़ा हुआ है उन्हें उठाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। इसमें कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित एजेंसी व अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -रवीन्द्र यादव अतिरक्त निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।