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Gurugram News: जालसाजों ने सीबीआई अधिकारी बनकर चार दिन तक किया डिजिटल अरेस्ट

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गिरफ्तारी का डर दिखाकर ट्रांसफर कराए पांच लाख रुपये
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाजों ने सीबीआई अधिकारी बनकर साउथ सिटी-2 में रहने वाले राकेश कुमार को चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया। आरोपियों ने एफआईआर दर्ज करके जेल भेजने की धमकी देकर पीड़ित से करीब पांच लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित की शिकासत पर पुलिस ने 23 जून को साइबर आराध थाना पूर्व में संबंधित धाराओं तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित राकेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 15 जून को उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए पीड़ित से कहा कि उनके नाम से अवैध कृत्य या संदिग्ध पार्सल पकड़ा गया है। ऐसे में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने वाला है। आरोपियों ने पीड़ित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल भेजने की बार-बार धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित से कहा गया कि जब तक संदिग्ध पार्सल संबंधी जांच पूरी नहीं होती, वे मोबाइल कॉल या वीडियो कॉल से हट नहीं सकते। गिरफ्तार व एफआईआर दर्ज होने की बात से पीड़ित डर गया।
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जालसाजों ने पीड़ित को उनके ही घर में डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। बदनामी होने व जेल जाने के डर से पीड़ित ने आरोपियों के बताए खाते में करीब पांच लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जालसाजों ने पीड़ित को 15 जून से 18 जून तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। पीड़ित ने गिरफ्तारी के डर की वजह से इस बारे में किसी को नहीं बताया। पीड़ित की शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। जिन खातों में रुपये ट्रांसफर कराए गए थे, पुलिस उन खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 93.34 लाख की ठगी
गुरुग्राम। जालसाजों ने शेयर मार्केट में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 93.34 लाख रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-31 निवासी ईश्वर दयाल गर्ग ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उनसे संपर्क करके एक तथाकथित निवेश वेबसाइट के बारे में बताया। खुद को कंपनी का बड़ा अधिकारी और एक्सपर्ट बताते हुए आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लेकर अच्छे मुनाफे का लालच दिया। जालसाजों ने फर्जी वेबसाइट और निवेश कंपनी के जाल में फंसाकर करीब दो माह में वारदात को अंजाम दिया। लेकिन बाद में पीड़ित निवेश की गई राशि को भी नहीं निकाल पाए। पीडित ने 22 जून को साइबर अपराध थाना पूर्व में शिकायत दी, जिसके आधार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके छानबीन शुरू की गई।
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