- पीड़ित ने पीएनबी में जमा करने के लिए दिए थे सवा लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। शहर की पंजाब नेशनल बैंक शाखा से जुड़ा एक ठगी का मामला सामने आया है। जिसमें मुख्य रूप से बैंक के सामने सहायक के रूप में कार्यरत युवक पर एक उपभोक्ता के सवा लाख रुपये लेकर चंपत होने का आरोप है। पीड़ित उपभोक्ता अतरू निवासी निजामपुर ने आरोप लगाया है कि पीएनबी. बैंक मित्र के नाम पर काम करने वाले उमेश नामक युवक ने लाखों रुपये लेकर ठगी की है और अब फरार है।
अतरू ने शिकायत में बताया कि उसका सेविंग खाता पीएनबी तावडू में खुला हुआ है। बीते साल अक्टूबर माह में राशि जमा कराने बैंक गया था, जहां बैंक कर्मी ने उसे बैंक शाखा के सामने स्थित पीएनबी. बैंक मित्र उमेश की दुकान पर राशि जमा कराने को कहा। वहां उसने 50 हजार रुपये खाते में जमा कराने के लिए दिए। उमेश ने रसीद बनाकर दी लेकिन खाते में राशि नहीं पहुंची।
इसके बाद इसी साल 26 फरवरी व 25 मार्च को भी अतरू ने 15 हजार और 55 हजार रुपये उमेश को दिए। तीनों बार रसीद मिलने के बावजूद खाते में रकम जमा नहीं हुई। अगस्त में जब अतरू ने बैंक से बैलेंस की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में केवल 49 हजार रुपये ही मौजूद हैं। पीड़ित का कहना है कि उसने उमेश की दी हुई रसीदें बैंक अधिकारियों को दिखाईं, मगर उन्हें बताया गया कि खाते में कोई रकम नहीं आई है। बाद में जब वह उमेश की दुकान पर पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल बैंक कर्मियों की मिलीभगत से हुआ है, क्योंकि वही बार-बार उसे उमेश के पास पैसे जमा कराने भेजते थे। अतरू का कहना है कि वह अनपढ़ है और इसी वजह से धोखाधड़ी का शिकार हो गया। पीड़ित ने पुलिस व डीसी नूंह को शिकायत भेज आरोपी उमेश के खिलाफ कार्रवाई करने व अपने पैसे वापस दिलवाने की मांग की है।
इस बारे में बैंक मैनेजर सुरेंद्र मीणा ने बैंक कर्मियों पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उपभोक्ता अपनी लापरवाही से ठगी का शिकार बना है। आरोपी बैंक बीसी को पूर्व में शिकायत मिलने पर ही हटा दिया गया था। पीड़ित उपभोक्ता को इस संदर्भ में पुलिस को शिकायत देनी चाहिए।