पीड़ितों की शिकायत पर साइबर अपराध थाना मानेसर में चार प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर ठगों ने कस्टमर केयर कर्मी बन और लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर चार लोगों से करीब 2.33 लाख रुपये ऐंठ लिए। साइबर अपराध थाना मानेसर में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। मानेसर के सेक्टर-1 निवासी श्वेता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। 13 अप्रैल को उसने ओएलएक्स पर बेड बेचने का विज्ञापन डाला। जिसके बाद दीपक शर्मा नामक युवक ने उससे 15 हजार रुपये में बेड खरीदने की बात कही और 10 हजार रुपये एडवांस देने का झांसा दिया। दीपक ने महिला को क्यूआर कोड भेजा व पहले रुपये आप भेजो, इसके बाद आपको रुपये रिसीव होंगे। श्वेता ने दो-दो हजार रुपये की पांच बार ट्रांजेक्शन की। इसके बाद जालसाल युवक ने रुपयों को एक साथ भेजने के लिए कहा। इस तरह दो बार में 30 हजार रुपये और ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद अनजान से कॉल पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को दीपक का बॉस बताते हुए दूसरे नंबर पर रुपये भेजने के कहा। इस तरह श्वेता से 98 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
दूसरे मामले में राजस्थान के भिवाड़ी निवासी कुमार अंकुल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बिलासपुर स्थित एक कंपनी में काम करता है। फरवरी माह में उनके अनजान नंबर से आई कॉल में लाड़ो लक्ष्मी योजना के बारे में बताया। जालसाज ने उनको बताया कि आपके खाते में 12 हजार रुपये आएंगे। कुमार अंकुल ने गूगल पर स्कीम देखी तो नाम सही लगा। इसके बाद उसने जालसाज द्वारा बताई प्रक्रिया को फॉलो किया। यूपीआई इस्तेमाल करते मोबाइल हैंग हो गया व खाते से पांच बार में कुल 45,980 रुपये डेबिट हो गए।
तीसरे मामले में पटौदी के जटौली गांव निवासी रणजीत सिंह (58) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल को गूगल पर कॉइनडीसीएक्स ट्रेडिंग कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था। इसके बाद उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हुए समस्या पूछी। इसके बाद रणजीत सिंह को गूगल प्ले स्टोर से हेल्प डेस्क हॉस्ट एप डाउनलोड करके 10 रुपये सर्विस चार्ज भेजने को कहा। एप डाउनलोड करते ही पीड़ित के बैंक खाते से 39,001 रुपये कट गए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने न तो कोई ओटीपी शेयर किया और न ही कोई डिटेल दी। ठगी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत बैंक खाता बंद करवाया। उसी दिन साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
वहीं, चौथे मामले में मानेसर निवासी परितोष घोष (72) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे धारूहेड़ा स्थित एक कंपनी में जीएम हैं। उन्होंने 17 फरवरी को गूगल से जिओ हॉटस्टार हेल्पलाइन नंबर सर्च किया। तुरंत ही उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताया। उसने कंपनी जीएम को बातों में उलझाकर बैंक खाता संबंधी जानकारी ली और फर्जी वेबसाइट पर सहमति दर्ज कराई। कुछ ही देर में उनके एसबीआई के अकाउंट से 49,500 रुपये डेबिट हो गए। पीड़ितों ने साइबर पुलिस से जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई करने व रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई है।