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Gurugram News: चालक का अपहरण कर लूटपाट मामले में चार आरोपी बरी

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अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चार साल पहले गांव सहरावन के पास कैब चालक को बंधक बनाकर अपहरण कर लूटपाट करने के मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस के दीवान की कोर्ट ने चार आरोपियों को सबूतों एवं गवाहों के अभाव में बरी कर दिया है। जबकि इस मामले में एक आरोपी को अदालत पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
अदालत के अभिलेख के अनुसार पुखरपुर के राजेंद्र 4 जून की रात करीब 11 बजे गांव खोह से पुखरपुर कार से जा रहे थे। जब वह गांव सहरावन के पास बने फ्लाईओवर के नीचे पचगांव सर्विस रोड की तरफ जाने लगे तो रोड किनारे बैठे युवकों ने उनकी गाड़ी पर पत्थर मार दिया। उन्होंने गाड़ी रोककर जैसे ही खिड़की खोली तो युवकों ने उन पर हमला कर दिया और गाड़ी में बंधक बना लिया। मारपीट कर उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और उनसे मारपीट करने के बाद 70 हजार रुपये लूट लिए। आरोपी उसे पीटते हुए रेवाड़ी के साबी नदी पुल के पास ले गए और झाड़ियों में उतारकर गोली मारने की बात कहने लगे। इसी दौरान वह मौका पाकर वहां से भाग गए और एक ढाबे पर शरण ली जहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया।
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जांच के दौरान पुलिस को 6 जून 2020 को पता लगा कि लूटी गई गाड़ी जली हालत में रेवाड़ी के पिथनवास गांव में खेतों में खड़ी है। वहीं पुलिस को पता लगा कि इस गाड़ी की मदद से बदमाशों ने डबल मर्डर को अंजाम दिया है जिसके आरोपी रेवाड़ी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता लगा कि वारदात को अंजाम गांव सहरावन के रहने वाले हितेश , सहरावन की ढाणी मानेसर के रहने वाले नितेश , रेवाड़ी निवासी मनीष, रितिक सैनी तथा आकाश ने दिया है। मामले में पुलिस ने नितेश, मनीष, रितिक और आकाश को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की। वहीं, हितेश को पुलिस पकड़ नहीं पाई। मामला अदालत में चला जहां से हितेश को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत पेश किए उनसे चारों आरोपियों पर कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया है।
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