एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की जा रही करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में आईएएस अनीता यादव को क्लीन चिट दिलाने के नाम पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। आईएएस ने इस संबंध में गुरुग्राम के सेक्टर-50 थाना में शिकायत दी, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
दरअसल, एक सप्ताह पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो को दो महिला आईएएस अधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों से पूछताछ करने की अनुमति मिली थी। जिसमें एसीबी ने जांच शुरू ही की थी कि आईएएस अनीता यादव को धमकी भरा कॉल आया। सेक्टर-50 थाना पुलिस में दी शिकायत में आईएएस अधिकारी अनीता यादव ने कहा कि वह यहां गुरुग्राम के सेक्टर-46 के मकान नंबर 1337 में रहती है। उसके पास 3 मार्च को ऋषि नाम के युवक का फ्रॉड कॉल आई। जिसमें उसने मुझसे एंटी करप्शन ब्यूरो में चल रहे मामले में क्लीन चिट दिलाने की एवज में पांच करोड़ रुपये मांगे।
आरोपी ने कहा कि उसे किसी राजनेता ने अनीता यादव से संपर्क करने का निर्देश दिया था। इसके बाद उक्त व्यक्ति फिर से 4 मार्च को महिला अधिकारी से संपर्क किया और उसे धमकी दी कि अगर उसने भुगतान नहीं किया तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। अनीता यादव ने दूसरे फोन के माध्यम से बातचीत रिकॉर्ड की है और मैं ऑडियो वीडियो पुलिस के समक्ष पेश की।
अनीता यादव ने कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो में चल रहे विचाराधीन मामले में वह और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ स्तर के नौकरशाह शामिल हैं। ऐसे में जिस तरह दो दिन से फोन पर कॉल आई हैं। उससे वह बेहद सदमे में हैं और वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। बता दें कि महिला आईएएस अधिकारी फरीदाबाद में तैनात थी तो उन पर एंटी करप्शन ब्यूरो में एक मामला विचाराधीन है। जिसमें प्रदेश सरकार के वरिष्ठ स्तर के नौकरशाह शामिल हैं। वहीं मामले में पुलिस कमिश्नर कला रामचंद्रन का कहना है कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में आरोपी की पहचान करने बाद उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।