नियम और शर्तों के आधार पर नमी होने के कारण तीन किसानों की फसल की नहीं हुई खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। किसानों को उस समय निराशा हुई जब सोहना की अनाज मंडी से सरसों भरकर वापस अपने घर लौटने को मजबूर हो गए। अनाज मंडी में पहुंचे गांव दोहला से नेत्रपाल, अशोक, नंद किशोर का कहना है कि तीन भाई 20-20 मन सरसों भरकर मंडी में लेकर आए थे। जबकि हमने पोर्टल पर भी पंजीकरण कराया हुआ था। लेकिन सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई। बताया गया कि सरसों में अभी नमी है।
गांव घंघोला के किसान धीरज का कहना है कि सरसों की फसल मानकों के हिसाब से सूखी थी। लेकिन उनकी फसल की खरीद नहीं हो पाई। जिसके चलते निजी आढ़ती 4200 से 4300 रुपये प्रति क्विंटल से खरीद रहे हैं। हैफेड के सुपरवाइजर मुकेश कुमार का कहना है कि आज भी 867 क्विंटल सरसों नियम व शर्तों के आधार पर किसानों की ली है। अब तक 6800 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अनाज मंडी के गेट पर नियम व शर्तें लिखी हुई हैं। जिन किसानों की सरसों में नमी अधिक है या सफेद पड़ चुकी है उसे हैफेड नहीं ले सकता। उन्होंने बताया कि 17000 बैग गेहूं हरियाणा वेयर हाउस ने खरीद की है। गेहूं और सरसों की खरीद जारी है।