गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर भी सिंघु और टीकरी बॉर्डर के धरनास्थलों जैसी झलक दिखाई देनी शुरू हो गई। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले धरने में शामिल होने वाले किसानों एवं अन्य वर्ग के लोगों को खाना उपलब्ध कराने के लिए किसान रसोई शुरू की गई है। इसमें सुबह 10 से शाम चार बजे तक खाना एवं चाय बनाया जाता है।
धरनास्थल पर वैसे तो पहले दिन से ही चाय एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अब खाने की भी व्यवस्था की गई है। यहां खाना बनाने के लिए एक टेंट लगाया गया है। चारों ओर से बंद इस टेंट को किसान रसोई का नाम दिया गया है। वहीं इसके सामने खुले आसमान के नीचे खाना खिलाने की व्यवस्था की गई है। यहां साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कूड़ा एवं पत्तल डालने के लिए डस्टबिन रखे गए है।
किसान रसोई का कार्य देख रहे राव कमलबीर सिंह ने बताया कि पूरे दिन लोग धरने पर रहते हैं। ऐसे में उनके लिए खाने की व्यवस्था करना बहुत जरूरी है। धरना छोड़कर खाना खाने उनका दूरदराज के क्षेत्रों में जाना उचित नहीं है। यहां करीब 500 लोगों का खाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा चाय भी पूरा दिन उपलब्ध रहती है। दिन में गरीब लोगों को भी खाना खिलाया जाता है।