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फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश: अमेरिकियों को ऐसे झांसा देते थे शातिर, ठगी का तरीका जान आप भी हो जाएंगे हैरान

Thu, 29 Sep 2022 08:34 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम के सेक्टर-48 इलाके में अमेरिकियों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर की कार्रवाई की है। आरोपी अनुदान देने के नाम पर ठगी करते थे
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फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, साइबर क्राइम व सदर थाना पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सेक्टर-48 इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इसके जरिए अमेरिकी नागरिकों से ठगी की जाती थी। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर संचालक समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि उक्त कॉल सेंटर सोहना रोड के एक बड़ी व्यावसायिक इमारत में चल रहा था।  
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को पिछले काफी समय से सोहना रोड पर स्थित एक इमारत में फर्जी कॉल सेंटर के संचालित किए जाने की सूचना मिल रही थी। इस पर सीएम फ्लाइंग से इंद्रजीत व एसीपी सदर संजीव बल्हारा की अगुवाई में एक टीम गठित की गई। 

टीम मंगलवार की देर रात सेक्टर-48 स्थित जेएमडी मेगापोलिस बिल्डंग की 7वीं मंजिल पर स्थित कमरा संख्या 734 में पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि कई लड़के व लड़किया अंग्रेजी भाषा में हेडफोन लगाकर बात कर रहे थे तथा सभी के सामने कंप्यूटर रखे हुए थे। 
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मौके से 9 लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मौके पर मौजूद कॉल सेंटर संचालक से जब कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, मोड ऑफ पेमेंट समेत अन्य जरुरी दस्तावेज मांगे तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। आरोपी कोई कागजात पेश नहीं कर सके। इस पर पुलिस ने दिल्ली के रहने वाले काल सेंटर संचालक सतेंद्र उर्फ सैम व अंकिस सचदेवा समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें दीपक कुमार, एकलव्य थोमसैंग, विशाल विश्वकर्मा, चौखोनी व मागौई बतौर कॉलर फर्जी कॉल सेंटर पर काम कर रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि फर्जी कॉल सेंटर पिछले 6 माह से चलाया जा रहा था, जिसका प्रति माह का किराया 85 हजार रुपये था। 
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इस तरह से करते थे ठगी

आरोपी अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर फेडरल ग्रांट्स डिपार्टमेंट वाशिंगटन डीसी के नाम पर 9000 डालर से 34,000 डालर तक का अनुदान (ग्रांट) देने की बात कहते थे। इसके लिए आरोपियों ने फर्जी पत्र भी तैयार कर रखा था। ग्रांट के बदले आरोपी विदेशी नागरिकों से 200 से 1600 डालर तक अलग-2 गिफ्ट वाउचर व गूगल पे इत्यादि के माध्यम से लेते थे। बाद में पैक्सफुल वेबसाइट पर ऑनलाइन भेजकर क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से वाउचर का भुगतान कर लेते थे। आरोपियों के कब्जे से 5 पेज की स्क्रिप्ट बरामद की गई है।

कॉल सेंटर संचालक बनाता था फर्जी स्क्रिप्ट
कॉल सेंटर संचालक अंकिश सचदेवा व सतेंद्र उर्फ सैम ने अमेरिकी नागरिकों से बातचीत करने में सहायता के लिए स्क्रिप्ट तैयार कर रखी थी। सैम के लैपटॉप से यूएस ग्रांट्स डिपार्टमेंट्स के नाम से एक फर्जी पत्र भी मिला। पुलिस ने काल सेंटर संचालक से 1.5 लाख रुपये नकद , 4 लैपटाप और 3 सीपीयू बरामद किए हैं। आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इस दौरान आरोपियों द्वारा की गई ठगी की वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी। 
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