संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से अमेरिका में होने वाले कुछ निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ लागू किया है। गुरुग्राम और मानेसर में ऑटो पार्ट्स, परिधान और चमड़ा उद्योग की करीब 2000 इकाइयां अमेरिका को अपने उत्पाद निर्यात करती हैं। इनके साथ सहयोगी इकाइयों की संख्या जोड़ दें तो यह संख्या चार से पांच गुनी हो जाएगी। गुरुग्राम और मानेसर के निर्यातकों में ट्रंप के इस फैसले से निराशा है। उद्यमियों का कहना है कि पहले भी बहुत लंबे समय तक भारत अमेरिका के व्यापारिक लाभ से वंचित रहा है। इस फैसले से न केवल उद्यमी, बल्कि रोजगार भी प्रभावित होगा। निराश निर्यातक अब नए बाजार तलाशेंगे।
उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिमेष सक्सेना का कहना है कि अमेरिका द्वारा 25 प्रतिशत और आयात शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने जाने से हमारा वस्त्र निर्यात बहुत बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इस समय भारतीय वस्त्रों पर करीब 63 प्रतिशत आयात शुल्क लग गया है। आयातकों द्वारा सभी आर्डर रोक दिए गए हैं और फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन करीब-करीब थम गया है। आने वाले दिनों में रोजगार पर काफी बुरा असर पड़ेगा।
आईएमटी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी का कहना है कि इसका सीधा असर हमारे एक्सपोर्ट उद्योगों पर और इनसे जुड़े लघु उद्यमों, कपड़ा उद्योगों, धागा बनाने वाले उद्यमों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के कामगारों पर पड़ेगा। हमारे लोग व्यापक पैमाने पर अमेरिकी उत्पाद का प्रयोग करते हैं जबकि इन उत्पादों के कच्चे माल से लेकर तैयार करने तक का काम भारत में होता है। गेंहू हमारा, आलू हमारा, तेल हमारा, कामगार हमारे, दुकानें हमारी.. मगर मुनाफा विदेशी कंपनियों को जाता है। अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार होना चाहिए।
अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से गुरुग्राम के कई उद्योग प्रभावित होंगे। खास तौर पर ऑटो पार्ट्स, गारमेंट इंडस्ट्री और इनसे जुड़ी हुईं इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ेगा। गुरुग्राम की अर्थव्यवस्था में इन सेक्टरों का योगदान ज्यादा है। अपने देश में खपत बढ़ाकर और नए देशों की ओर रुख करके इन शुल्कों का प्रभाव कम कर सकते हैं।
-सुमित राव, अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
यहां के परिधान उद्योग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। हस्तशिल्प, आभूषण और अन्य उपहार की वस्तुओं पर भी बुरा असर पड़ेगा। बेरोजगारी बढ़ेगी। एक अच्छी बात यह है कि आत्मनिर्भर बनने से अमेरिका पर हमारी निर्भरता कम होगी।
- अशोक कोहली, अध्यक्ष उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज
गुरुग्राम और मानेसर में कपड़ा और चमड़ा उद्योग काफी संख्या में हैं। जो निर्यातक केवल अमेरिका पर निर्भर हैं, लंबी अवधि में उनके प्रभावित होने की आशंका है। ये आवश्यक होगा कि निर्यातक दूसरे देशों की तरफ रुख करें और अच्छे अवसर तलाश करें। गुरुग्राम और मानेसर ऑटो कॉम्पोनेंट्स का भी एक बड़ा गढ़ है। इनका निर्यात बड़ी मात्रा में अमेरिका के वाहन उद्योग का आधार है। अमेरिका के लिए इन काॅम्पोनेंट्स को दूसरे देशों से हासिल करना शायद मुश्किल होगा क्योंकि इस प्रक्रिया में समय लगेगा और छोटे समय में उनकी आपूर्ति आसान नहीं होगी।
- राज सिंगला, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज, उद्योग विहार
10 हजार इकाइयां टैरिफ वार की जद में आएंगी
गुरुग्राम में अमेरिका को प्रत्यक्ष निर्यात करने वाले करीब 2000 उद्योग हैं। प्रत्येक से 4-5 सहायक उद्योग अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ऐसा कह सकते हैं कि करीब 10000 यूनिट अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने का दुष्प्रभाव झेलेंगे। उन्हें काफी कठिनाई आने वाली हैं
- कैलाश चंद्र, जिला एक्सटेंशन ऑफिसर, एमएसएमई