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Gurugram News: 17 की उम्र में जरायम की दुनिया में कदम रख मोस्ट वांटेड बन गया भाऊ

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किशोर सुधार गृह से फरारी के बाद संगठित अपराध में बढ़ाया कदम
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फर्जी पासपोर्ट के सहारे विदेश पहुंचकर चलाने लगा गैंग, 64 एफआईआर में नाम
अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम/ नई दिल्ली। हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला हिमांशु उर्फ भाऊ महज 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में दाखिल हुआ और देखते ही देखते पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल हो गया। शुरुआत में प्रतिद्वंद्वी की हत्या के प्रयास के आरोप से चर्चा में आया भाऊ बाद में संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना बन गया। हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में हत्या, गोलीबारी और अवैध वसूली से जुड़ी वारदातों में उसका नाम सामने आता रहा। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ कुल 64 एफआईआर दर्ज हैं।
किशोर सुधार गृह से फरारी के बाद बढ़ा आपराधिक नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, भाऊ ने वर्ष 2019 में पहली आपराधिक वारदात को अंजाम दिया था। बाद में वह हिसार स्थित किशोर सुधार गृह से 17 अन्य साथियों के साथ फरार हो गया। इसके बाद उसकी आपराधिक गतिविधियां लगातार बढ़ती गईं। रोहतक, झज्जर और सोनीपत के अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी उसके गिरोह का प्रभाव बढ़ा। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने विदेश में रहते हुए भी अपने नेटवर्क के जरिए वारदातें कराना जारी रखा।
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-हरियाणा एसटीएफ की जांच में उसके गिरोह से जुड़े 180 से अधिक सहयोगियों और शूटरों की जानकारी सामने आई। एजेंसियों के मुताबिक, गिरोह का इस्तेमाल विरोधियों को निशाना बनाने, गोलीबारी कराने और अवैध वसूली के लिए किया जाता था। भाऊ के गिरोह को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के प्रतिद्वंद्वियों से जुड़े नेटवर्क के तौर पर भी देखा जाता है।

फर्जी पहचान के सहारे विदेश पहुंचने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, भाऊ ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के अघवानपुर निवासी कुनाल सिंह के नाम पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। हरियाणा एसटीएफ की पहल पर अगस्त 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ। जून 2024 में उसका पासपोर्ट भी रद्द करा दिया गया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे वह पहले पुर्तगाल और फिर अमेरिका पहुंचा और वहां से अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता रहा।
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कई चर्चित वारदातों में सामने आया नाम
भाऊ के गिरोह का नाम दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में 2024 में हुई गोलीबारी में भी सामने आया था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। भाऊ ने सोशल मीडिया पर घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। इसके अलावा दक्षिण दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या के मामले में भी उसके गिरोह का नाम चर्चा में आया। इन वारदातों ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई।विदेश में रहकर लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे भाऊ की अमेरिका में गिरफ्तारी को जांच एजेंसियां अहम सफलता मान रही हैं। भारत आने के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

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