- नहरी पानी शोधन संयंत्र एक, दो और तीन के लिए स्पेयर-बे का किया जाएगा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में अब यूनिट एक, दो और तीन के बिजली सिस्टम में गड़बड़ी आने पर भी शहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। मौजूदा 66 केवी सब स्टेशन में एक नए स्पेयर-बे के निर्माण कराया जाएगा। इस पर करीब 1.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में 100-100 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट हैं। तीनों संयंत्रों के लिए 66 केवी का सब स्टेशन लगा हुआ है। इससे संयंत्रों को संचालित किया जा रहा है। कई बार बिजली में फाल्ट के कारण तीनों संयंत्र का काम प्रभावित होता है। ऐसे में एक स्पेयर-बे के निर्माण कराने की योजना है। जीएमडीए के अनुसार स्पेयर बे होने से जिस संयंत्र के बिजली सिस्टम में खामी आएगी, इसे स्पेयर बे से जोड़ दिया जाएगा। ऐसे में संयंत्र में पानी शोधन का काम प्रभावित नहीं होगा। इसमें स्पेयर बे में ट्रांसफार्मर समेत अन्य कार्य होंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अन्य कार्याें के लिए अलग से भी टेंडर जारी किए जाएंगे। कार्य अलॉट होने के बाद छह माह में एजेंसी को काम पूरा करना होगा। पूरा बिजली सिस्टम तैयार होने पर संयंत्र में पानी शोधन में रुकावट नहीं आएगी। जीएमडीए के अनुसार इस कार्य को जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा।
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नए संयंत्रों के लिए अलग से सब स्टेशन
पेयजल की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चंदू बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट मे 100 एमएलडी क्षमता की चौथी यूनिट शुरू हो चुकी है। इसके अलावा पांचवीं यूनिट पर काम चल रहा है और इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। जीएमडीए छठी यूनिट लगाने की तैयारी कर रहा है। इस पर भी जल्द काम शुरू होना है। ऐसे में नए संयंत्रों के लिए अलग से 66केवी का सब स्टेशन निर्माण कराया जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण इस परियोजना पर करीब 17.33 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगा। इस परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी से मंजूरी मिली हुई है।
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वर्ष 2031 तक 1170 एमएलडी जलापूर्ति की अनुमानित मांग
शहर में चंदू बुढ़ेरा और बसई संयंत्र से पानी की सप्लाई की जा रही है। चंदू बुढ़ेड़ा स्थित जल शोधन संयंत्र (डब्लूटीपी) यूनिट-4 को चालू होने से शहर में कुल जलापूर्ति 570 एमएलडी से बढ़कर 670 एमएलडी हो गई है। इससे सेक्टर 81-115 तथा पुराने गुरुग्राम के क्षेत्रों में जल आपूर्ति में सुधार हुआ है। चंदू में यूनिट-5 (100 एमएलडी) का निर्माण दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं डब्ल्यूटीपी बसई की यूनिट-4 (100 एमएलडी) के लिए निविदा जारी की गई है। इसमें नए संयंत्र के साथ तीन दिन पानी स्टोरेज की क्षमता होगी। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार 2031 तक गुरुग्राम में 1170 एमएलडी जलापूर्ति की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जीएमडीए नए संयंत्र बनाने और पेयजल नेटवर्क को बेहतर करने के लिए काम कर रहा है।