गुरुग्राम। बीमा पॉलिसी निरस्त कराने के बाद रिफंड के नाम पर रक्षा मंत्रालय में तैनात रहे अधिकारी के साथ ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ठग ने इनकम टैक्स ऑफिस मुंबई का कर्मचारी बनकर बात की और अलग-अलग बहाने से 8 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिया। आगे भी रुपयों की मांग कर रहे थे लेकिन बुजुर्ग ने नहीं दिए। साइबर सेल थाना पुलिस की जांच के बाद सेक्टर 9 थाना पुलिस धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, यह शिकायत सेक्टर-4 निवासी 80 साल के श्योताज सिंह ने दी है। वह 2002 में रक्षा मंत्रालय से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका कहना है कि इंश्योरेंस पॉलिसी निरस्त कराने के बाद कुछ रिफंड आना था। वह फोन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान 2 अप्रैल को उनके नंबर पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को इनकम टैक्स ऑफिस मुंबई से रामकिशन त्रिपाठी बताया। उसने कहा कि आपका रिफंड अप्रूव हो गया है और ये जल्द ही खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। फिर आशुतोष बजरी भाई कल्याणी ने फोन कर बताया कि 13 लाख 25 हजार रुपये उनके एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाने हैं। लेकिन इससे पहले टैक्स समेत अन्य प्रकार के खर्च देने होंगे।
इसके चलते बुजुर्ग ने 6 अप्रैल से 13 अप्रैल तक 8 लाख रुपये आरोपियों के बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिया। लेकिन बुजुर्ग के खाते में राशि ट्रांसफर नहीं की गई। बुजुर्ग ने आशुतोष को वादे के अनुसार, रुपये ट्रांसफर करने को कहा। तब आरोपी ने कहा कि इनकम टैक्स के तौर पर 9 लाख रुपये ट्रांसफर करो, तभी आपके रुपये ट्रांसफर हो जाएंगे। बुजुर्ग ने परेशान होकर अपने 8 लाख रुपये वापस मांगे। फिर उसने कहा कि एक महीने बाद उनके रुपये वापस किए जाएंगे। बाद में संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन आरोपी का मोबाइल बंद था। सेक्टर नौ थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।