कहा- डी टावर के निवासियों का एक साल बाद भी समाधान नहीं, उनके साथ भी बनेंगे ऐसे हालात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में रहने के लिए असुरक्षित घोषित किए गए ई और एफ टावर के फ्लैट मालिकों ने ऐलान किया है कि वह अपने फ्लैट खाली नहीं करेंगे। डी टावर को भी इसी तरह खाली करवाया गया था और एक साल बाद भी समाधान नहीं हुआ है। आशंका है कि वही स्थिति उनके साथ भी होगी। इसके अलावा जो फ्लैट मालिक वहां रह रहे थे, उनको 15 रुपये प्रति स्क्वायर फीट किराया देना तय किया है। हालांकि ऐसे करीब 70 फ्लैट मालिक, जो वहां नहीं रह रहे और उनके किराएदार भी चले गए हैं, उनको किसी तरह के किराए का प्रावधान नहीं किया गया है। इसको लेकर सोसाइटी से बाहर रह रहे फ्लैट मालिकों में रोष है।
जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन की ओर से 15 मार्च 2023 को चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को पत्र जारी किया गया था। इसमें 15 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर से बिल्डर को किराया देने और 40 हजार एकमुश्त शिफ्टिंग के लिए देने को कहा था। बिल्डर को 10 दिन के अंदर फ्लैट मालिकों से 11 महीने का किराया समझौता करने के लिए भी कहा गया था। वैसे ई और एफ टावरों में कुल 130 फ्लैट हैं और वर्तमान में यहां 40 परिवार रहते हैं। जबकि 70 फ्लैट मालिक ऐसे हैं जिन्होंने अपने फ्लैट किराए पर दे रखे थे। अन्य फ्लैट खाली पड़े हैं। वह फ्लैट मालिक किराए के दायरे में नहीं है, जिनके फ्लैट में किराएदार रह रहे थे। उन्हें अपने निवेश पर किराए के रूप में मिलने वाला रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। ई और एफ टावर रहने वाले जितेन मलिक, प्रकाश सक्सेना, भास्कर पाराशर, अमरेंद्र सिन्हा, आरएन शर्मा, विवेक गर्ग, अमित बाली, नीता शर्मा, आशा शर्मा, अनिल थॉमस, दिव्यांशु आदि ने दोनों टावरों के संबंध में लिए गए इस फैसले पर आपत्ति जताई है। दूसरी ओर चिंटेल्स प्रबंधन के वाइस प्रेसिडेंट जेएन यादव का कहना है कि हम निवासियों की सुरक्षा के लिए टावरों को खाली करने में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।