दुकानदारों का कहना है कि सप्ताह भर में प्रति बॉक्स 400 रुपये तक कीमतें बढ़ गईं हैं। वनस्पति तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण ग्राहकों को भी समझाना मुश्किल हो रहा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर भी दिखने लगा है। युद्ध के बीच वनस्पति तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हो गया है। उच्च स्तर से कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद दिल्ली में स्थानीय दुकानदारों ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं।
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दुकानदारों का कहना है कि सप्ताह भर में प्रति बॉक्स 400 रुपये तक कीमतें बढ़ गईं हैं। वनस्पति तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होने के कारण ग्राहकों को भी समझाना मुश्किल हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि युद्ध लंबा चला तो सरसों के तेल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी होगी। स्थिति यह है कि सप्ताह भर पहले तक एक लीटर वनस्पति तेल 150 रुपये का मिलता था, उसकी कीमत अब 165 रुपये हो गई है। सरसों के तेल को भी कुछ दुकानदार मनमानी कीमतों में बेच रहे हैं। मालूम हो कि यूक्रेन में सूर्यमुखी का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है।
दुकानदारों से बातचीत
पिछले सप्ताह में ही प्रति बॉक्स 350-400 रुपये तक वनस्पति तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। ऐसे में ग्राहक भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रति लीटर 15-20 रुपये का इजाफा हुआ है।
- रामकुमार, दुकानदार, निवासी पटेल नगर
तेल की कीमत अचानक से बढ़ गई है। हमने तो पहले से ज्यादा भंडार भी नहीं रखा था। बढ़ी हुई दरों पर तेल खरीदने में ग्राहक बच रहे हैं तो बिक्री भी प्रभावित हो रही है।