गुरुग्राम। डीएलएफ सिटी फेज-2 स्थित डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की मान्यता नहीं होने से हजारों छात्रों के भविष्य अंधकार में है। अब अभिभावक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को गुरुग्राम विधायक सुधीर सिंगला से मुलाकात की। अभिभावकों ने विधायक को पत्र सौंपकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विधायक सिंगला ने भी हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
पैरेंट्स रिप्रजेंटेटिव ग्रुप आवाज रोअर की ओर से यह मांग उठाई गई है। विधायक सुधीर सिंगला ने कहा कि वे शिक्षामंत्री, मंडल आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर जांच की सिफारिश करेंगे। विधायक से मुलाकात कर अभिभावकों ने बताया कि डीपीएस स्कूल में करीब 1600 छात्र पढ़ रहे हैं।
पंजीकृत हैं 1600 छात्र
बच्चों के परिजनों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की भी मिलीभगत है। इसी के चलते यहां पढ़ने वाले 1600 बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। अभिभावकों की कड़ी मेहनत की कमाई को स्कूल बिना मान्यता के ही वसूल रही है, जिस पर सरकार की कोई नजर नहीं है। अब जाकर उन्हें पता चला है कि इस स्कूल की सीबीएसई से कोई मान्यता ही नहीं है और स्कूल प्रबंधन लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। सवाल यह उठता है कि गुरुग्राम के अत्यंत पॉश इलाके में आखिर यह स्कूल चल कैसे रहा है।
अभिभावकों ने जताई मिलीभगत की आशंका
अभिभावकों ने बताया कि डीपीएस डीएलएफ सिटी स्कूल को डीपीएस मारुति कुंज अपना बताता है। अभिभावकों के मुताबिक डीपीएस मारुति कुंज को मारुति सुजुकी कंपनी के अधीन मारुति एंप्लाई एजुकेशन ट्रस्ट चलाता है। अभिभावकों स्कूल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी व संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराने की शिकायत दी। इस अवसर पर महेश कुमार, रीना देवी, रेखा देवी, पुष्पा, पूनम, कुलदीप, दीपक जैन, मेनपाल समेत अन्य अभिभावक मौजूद रहे।