सात सालों तक चलेगी 13 वार्डों की साफ-सफाई का काम
शेरसिंह डागर
नूंह। नूंह शहर में रहने वाले लगभग 30 हजार लोगों को आखिरकार कूड़े की समस्या से बड़ी राहत मिलने वाली है। नगर परिषद ने घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए करीब 12 करोड़ रुपये का एक बड़ा टेंडर जारी किया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अगले 7 सालों तक चलेगी, जिससे शहर के सभी 13 वार्डों में साफ-सफाई का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।
शहर में लंबे समय से कूड़े का सही ढंग से निपटान न होने से लोग परेशान थे। गलियों और सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते थे, जिससे न केवल शहर की खूबसूरती खराब होती थी, बल्कि बदबू और गंदगी की वजह से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ रहा था। इस नई योजना से लोगों को उम्मीद है कि उन्हें इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।
योजना के मुताबिक कंपनी द्वारा घर-घर से कूड़ा इकट्ठा किया जाएगा, जिसकी छंटनी करने तथा उसके निस्तारण करने की जिम्मेदारी भी कंपनी की रहेगी। कूड़ा निस्तारण के माध्यम से शहर के कूड़े का इस्तेमाल खाद के रूप में भी किया जा सकेगा।
लोगों की प्रतिक्रियाएं
हमारे मोहल्ले में कूड़े के ढेर लगे रहते थे, जिससे दुकान पर आने वाले ग्राहक भी परेशान होते थे। अब जब घर-घर से कूड़ा उठेगा तो शहर और हमारा कारोबार दोनों साफ-सुथरे रहेंगे।
आरिफ दुकानदार
योजना अच्छी है। गंदगी कम होगी, लेकिन इसे 7 साल के लिए देना गलत है। इससे ठेकेदार व अधिकारियों की मिलीभगत होने से इंकार नहीं किया जा सकता। इस पर नजर रखी जाए।
खलील अहमद, नूंह।
यह तो बहुत ही जरूरी था। हमारे घर के बाहर कूड़ा पड़ा रहता था, जिससे बच्चों को खेलने में दिक्कत होती थी और मक्खी-मच्छर भी बढ़ जाते थे। कूड़ा रोज उठने से राहत मिलेगी।
सुमन लता, गृहिणी
घरों से एकत्रित कूड़ा आखिर जाएगा कहां?
यह राहत भरी खबर एक चुनौती के साथ आई है। नगर परिषद और टेंडर लेने वाली एजेंसी के पास अभी तक इस कूड़े को डालने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस समस्या को हल करने के लिए ज़मीन की तलाश कर रहे हैं, लेकिन जब तक जगह नहीं मिलती तब तक कूड़े का निपटान कैसे होगा, यह एक बड़ा सवाल है।
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डंपिंग स्टेशन इस समस्या का समाधान जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य नूंह को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाना है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो यह पहल न केवल शहर की स्वच्छता में सुधार करेगी बल्कि निवासियों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी।
- संजय मनोचा, चेयरमैन नगर परिषद